‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के समापन पर CM मोहन यादव ने राजगढ़ को दी ₹341 करोड़ की सौगात, बोले- ‘पानी चला जाए तो चेहरा नीला पड़ जाता है’
राजगढ़ (भैंसवा माता)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के समापन अवसर पर राजगढ़ जिले के प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए राजगढ़ जिले को ₹341 करोड़ 22 लाख की लागत के 30 से अधिक विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें लगभग ₹247 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन और ₹100 करोड़ से अधिक की लागत के 17 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
जल ही जीवन: ‘पानी चला जाए तो नजर आ जाता है’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बेहद सरल और मार्मिक अंदाज में पानी की कीमत समझाई। उन्होंने कहा:
“हमारे जीवन में जलावर्णन (जल संचय) की सबसे ज्यादा जरूरत है। यदि शरीर में पानी कम पड़ जाए तो चेहरा नीला पड़ जाता है। यदि मोती का पानी चला जाए तो वह किसी काम का नहीं रहता और चेहरे का पानी चला जाए तो वह साफ नजर आ जाता है। वैसे ही यदि धरा पर पानी न हो, तो चारों तरफ हाहाकार मच जाता है। इसीलिए संसार में पानी की सबसे बड़ी महत्ता है।”
देश के टॉप जिलों में मध्य प्रदेश का दबदबा, राजगढ़ भी शामिल
मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कालीसिंध, नेवज और अजनार जैसी नदियों की बदौलत यह क्षेत्र सबसे बेहतरीन जल संरचनाओं वाला क्षेत्र बना है। उन्होंने एक बड़ा आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि पूरे देश के 700 जिलों में जल संरक्षण को लेकर जो सबसे अच्छा काम हुआ है, उनमें शीर्ष स्थानों पर मध्य प्रदेश के 6 जिले शामिल हैं और गर्व की बात है कि उनमें ‘राजगढ़’ भी एक है। बड़े राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश जल संरक्षण के मामले में देश में शीर्ष (नंबर-1) पर पहुंच गया है।
कुएं, बावड़ी और झरनों को संवारना हम सबका दायित्व
सीएम ने जनता को उनके कर्तव्यों की याद दिलाते हुए कहा कि हम सबका दायित्व है कि हम पुराने नदी, तालाब, कुएं, बावड़ी, झरनों और जल स्रोतों के उद्गमों को संवारें और साथ ही नए जल स्रोतों का निर्माण भी करें। पुराने को संवारना और नए को जोड़ना, इसी कल्पना के साथ ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत की गई थी। अब स्थिति यह है कि बारिश के पानी को छतों पर ही सहेजने (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) और नालों की सफाई का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
राजगढ़ को मिलीं ये मुख्य सौगातें
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कुल विकास कार्य: ₹341 करोड़ 22 लाख की लागत की 30 से अधिक परियोजनाएं।
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भूमिपूजन: लगभग ₹247 करोड़ के नए विकास कार्यों की आधारशिला।
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लोकार्पण: ₹100 करोड़ से अधिक की लागत के 17 कार्यों का जनता को समर्पण।
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विशेष घोषणा: जीरापुर में ‘सांदीपनी स्कूल’ का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है।
दिग्गज नेताओं ने भी साझा किया मंच
भैंसवा माता में आयोजित इस भव्य समापन समारोह को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, राज्य मंत्री गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद रोडमल नागर ने भी संबोधित किया। सभी नेताओं ने जल संरक्षण के इस महाअभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए मध्य प्रदेश की जनता और मुख्यमंत्री के विजन की जमकर सराहना की।
