अकेली महिला का आत्मरक्षा के लिए चाकू रखना अपराध नहीं: टॉयलेट जाने के चक्कर में छूटी थी ट्रेन, 71 किलो गांजे के केस में फंसी महिला को हाई कोर्ट से जमानत

ट्रेन छूटने के बाद NDPS केस में फंसी महिला को हाई कोर्ट से राहत, कोर्ट ने कहा- 'आत्मरक्षा के लिए चाकू रखना अपराध नहीं'

अकेली महिला का आत्मरक्षा के लिए चाकू रखना अपराध नहीं: टॉयलेट जाने के चक्कर में छूटी थी ट्रेन, 71 किलो गांजे के केस में फंसी महिला को हाई कोर्ट से जमानत

जबलपुर/नागपुर: मायके जाने के लिए घर से निकली नागपुर की शबाना अंजुम की यात्रा में एक ऐसा मोड़ आया कि वह सीधे गांजा तस्करी और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट जैसे गंभीर मुकदमे में आरोपी बन गईं। हालांकि, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए शबाना को बड़ी राहत देते हुए नियमित जमानत दे दी है।

क्या था पूरा मामला?

शबाना अंजुम ट्रेन से सफर कर रही थीं। सफर के दौरान ट्रेन के गंदे शौचालय के कारण वह आमलाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर स्थित महिला प्रसाधन (टॉयलेट) का इस्तेमाल करने उतरीं। लेकिन जब तक वह लौटकर आईं, उनकी ट्रेन छूट चुकी थी। इसके बाद वह प्लेटफॉर्म पर ही अगली ट्रेन का इंतजार करने लगीं।

पुलिस पूछताछ और 71 किलो गांजे का केस

अकेली महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में देखकर पुलिस ने उनसे पूछताछ की और तलाशी ली:

हाई कोर्ट में वकीलों की दलीलें

हाई कोर्ट में शबाना के अधिवक्ता संदीप कुमार जैन और सह-अधिवक्ता चंद्रशेखर पटेल ने पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से कोर्ट के सामने रखा:

दलीलों से संतुष्ट होकर न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी ने माना कि केस का ट्रायल (विचारण) लंबा चल सकता है। परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने शबाना अंजुम को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत (Regular Bail) मंजूर कर ली।

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