MP AMR Action Plan 2.0: सीएम मोहन यादव ने जारी किया ‘एक्शन प्लान 2.0’; एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग पर लगेगी लगाम

MP AMR Action Plan 2.0: सीएम मोहन यादव ने जारी किया 'एक्शन प्लान 2.0'; एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग पर लगेगी लगाम

MP AMR Action Plan 2.0: सीएम मोहन यादव ने जारी किया ‘एक्शन प्लान 2.0’; एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग पर लगेगी लगाम

भोपाल। संक्रामक बीमारियों में एंटीबायोटिक दवाओं के लगातार कम होते असर और रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance – AMR) की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की गई विशेष अपील के बाद, राज्य में दवाओं के इस बेअसर होने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक बेहद प्रभावी कार्ययोजना ‘एक्शन प्लान 2.0’ (AMR Action Plan 2.0) तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इस विस्तृत एक्शन प्लान को जारी किया। इस नए प्लान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब एंटीबायोटिक दवाओं के बेअसर होने की जांच, शोध और जन-जागरूकता के लिए संबंधित विभागों को अलग से विशेष बजट (राशि) आवंटित किया जाएगा।

शोध और जागरूकता के लिए मिलेगा अलग से बजट

एक्शन प्लान 2.0 के तहत सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आम जनता और स्वास्थ्य कर्मियों को एंटीबायोटिक दवाओं के सही और सीमित उपयोग के प्रति जागरूक किया जा सके:

 माइक्रोबायोलॉजिस्ट की कमी: जमीनी स्तर पर बड़ी चुनौती

एक्शन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने की राह में प्रदेश के सामने इस समय एक बड़ी बुनियादी चुनौती भी खड़ी है:

क्या है एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (AMR): जब कोई मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के या मामूली सर्दी-खांसी में भी बार-बार हैवी एंटीबायोटिक दवाएं खाने लगता है, तो शरीर में मौजूद बैक्टीरिया उन दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं। नतीजा यह होता है कि बाद में गंभीर बीमारी होने पर भी वह दवा शरीर पर असर करना बंद कर देती है।

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