डिलीवरी के दौरान डॉक्टर की लापरवाही ने ली महिला की जान; 2 डॉक्टरों व बाबा माधवशाह अस्पताल पर 10 लाख का जुर्माना

कटनी में डॉक्टरी लापरवाही पर बड़ा एक्शन: 2017 में प्रसूता की मौत के मामले में डॉ. बत्रा, डॉ. राव और बाबा माधवशाह अस्पताल दोषी करार

कटनी | शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने नजीर बनने वाला सख्त आदेश जारी किया है। सिजेरियन (LSCS) डिलीवरी के दौरान बरती गई चिकित्सीय लापरवाही के कारण महिला की जान जाने के मामले में आयोग ने धर्मलोक हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राजेश बत्रा, डॉ. के.आर.आर. राव और बाबा माधवशाह अस्पताल को दोषी ठहराया है। अदालत ने अनावेदकों को संयुक्त व पृथक रूप से पीड़ित पति को 10 लाख रुपए क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपए वाद व्यय 45 दिन के भीतर अदा करने का हुक्म सुनाया है।

​डिलीवरी के बाद आंतरिक रक्तस्राव से बने हिमेटोमा ने ली थी जान

​मामला माधव नगर निवासी मदन माखीजा (पिता स्व. श्रीचंद माखीजा) की पत्नी स्व. नीतू माखीजा के इलाज से जुड़ा है।

​डॉक्टरों के बचाव के तर्क खारिज, एडवोकेट शाहनवाज खान के साक्ष्यों पर लगी मुहर

​मामले में डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन ने अपनी ओर से बचाव में कई दलीलें दीं। हालांकि, आयोग के विद्वान अध्यक्ष श्री सनत कुमार कश्यप एवं सदस्य श्रीमती रेखा पांडे की पीठ ने अनावेदकों की प्रतिरक्षा को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया।

​परिवादी मदन माखीजा की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्री एम. शाहनवाज खान ने कोर्ट के समक्ष डॉक्टरों की लापरवाही के पुख्ता दस्तावेज, विधिक तर्क और उच्च अदालतों के नजीर (Precedents) पेश किए। आयोग ने माना कि मरीजों के इलाज और सेवा में डॉक्टरों व अस्पताल द्वारा अत्यंत गंभीर कोताही बरती गई है।

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