ग्वालियर में ‘एनालाग पनीर’ के बड़े नेटवर्क की आहट- खाद्य सुरक्षा टीम ने 302 किलो पनीर किया जब्त, त्योहारों से पहले अलर्ट

ग्वालियर में ‘एनालाग पनीर’ के बड़े नेटवर्क की आहट- खाद्य सुरक्षा टीम ने 302 किलो पनीर किया जब्त, त्योहारों से पहले अलर्ट

ग्वालियर: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा एनालाग (कृत्रिम/नकली) पनीर पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद ग्वालियर में इसके एक बड़े नेटवर्क की परतें उधड़नी शुरू हो गई हैं। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन (Food Safety Administration) की टीम ने शहर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 302 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को न केवल सैंपल (नमूना) लिया, बल्कि पूरी खेप को जब्त (Seize) भी कर लिया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, जब्त किया गया स्टॉक ‘एनालाग पनीर’ हो सकता है। सैंपलों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला (State Food Lab) में जांच के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल की कार्रवाई के बाद प्रदेशभर में हड़कंप

हाल ही में राजधानी भोपाल में एनालाग पनीर के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई में कई सैंपल फेल पाए गए थे। इसके बाद से पूरे प्रदेश में खाद्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है:

क्या होता है ‘एनालाग पनीर’ और क्यों है खतरनाक?

यह असली दूध से बनने वाले प्राकृतिक पनीर की तरह नहीं होता। इसे दूध के फैट (Milk Fat) को निकालकर सस्ते वनस्पति तेल (Vegetable Oil), स्टार्च, केमिकल्स और इमल्सीफायर मिलाकर तैयार किया जाता है। बिना अत्याधुनिक लैब टेस्ट के आम ग्राहक के लिए असली पनीर और एनालाग पनीर के बीच फर्क कर पाना लगभग असंभव होता है।  इस तरह के कृत्रिम पनीर के लगातार सेवन से पाचन संबंधी बीमारियों के साथ-साथ हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का गंभीर खतरा रहता है।

 त्योहारों पर खाने की चीजों को लेकर रहें सावधान

रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पनीर, मावा या दूध से बनी मिठाइयां खरीदते समय सतर्कता बरतें और केवल अधिकृत व विश्वसनीय दुकानों से ही सामग्री खरीदें।

Exit mobile version