पंजाब में शांति भंग नहीं होने दूंगा, महाराष्ट्र में हमले के बाद बोले सुखबीर सिंह बादल; कहा- ‘पिता ने भी ताकतों से समझौता नहीं किया’

पंजाब में शांति भंग नहीं होने दूंगा, महाराष्ट्र में हमले के बाद बोले सुखबीर सिंह बादल; कहा- ‘पिता ने भी ताकतों से समझौता नहीं किया’

अमृतसर/चंडीगढ़: महाराष्ट्र स्थित तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब (नांदेड़) में हुए हमले के एक दिन बाद शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने विरोधियों और राष्ट्रविरोधी ताकतों को कड़ा संदेश दिया है। सुखबीर सिंह बादल ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के हमलों के पीछे जो ताकतें हैं, वे पंजाब की शांति और भाईचारे को भंग करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अकाली दल के अध्यक्ष के रूप में वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे।

पिता प्रकाश सिंह बादल को किया याद: “सिद्ध सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया”

अपने पिता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के योगदान और सिद्धांतों को याद करते हुए सुखबीर ने भावुक और दृढ़ लहजे में कहा:

“मेरे पिता ने इन असामाजिक ताकतों के सामने कभी समझौता नहीं किया। वे हमेशा इस बात के पक्षधर रहे कि सभी समुदायों और सभी क्षेत्रों के लोग मिल-जुलकर और सौहार्दपूर्ण माहौल में रहें। यही कारण है कि जब-जब मेरे पिता पंजाब के मुख्यमंत्री रहे, प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहा और सभी धर्मों का सम्मान हुआ।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके लिए किसी भी धमकी से ऊपर पंजाब का विकास, देश की प्रगति, सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक भाईचारा है।

पवित्र स्थलों पर हुए हमलों का ज़िक्र: “भगवान का हाथ सिर पर है”

सुखबीर सिंह बादल ने अतीत में गोल्डन टेम्पल (अमृतसर) और हाल ही में नांदेड़ (महाराष्ट्र) के तख्त हजूर साहिब में उन पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा:

क्या है इन हमलों का मकसद?

सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि इन लगातार हमलों के पीछे एक सोची-समझी साजिश है:

  1. पंजाब के माहौल को खराब करना: इन ताकतों का मुख्य मकसद पंजाब में डर का माहौल पैदा करना और धार्मिक व सामाजिक शांति को प्रभावित करना है।

  2. सख्त संकल्प: उन्होंने पंजाब की जनता को भरोसा दिलाया कि अकाली दल पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल की रक्षा के लिए हमेशा ढाल बनकर खड़ा रहेगा। पंजाब में शांति भंग नहीं होने दूंगा, महाराष्ट्र में हमले के बाद बोले सुखबीर सिंह बादल; कहा- ‘पिता ने भी ताकतों से समझौता नहीं किया’

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