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Mega IPO: बाजार को ट्रेड कराने वाला NSE खुद होने जा रहा है लिस्ट- पैसा लगाने से पहले जानें अंदर की बात

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Mega IPO: बाजार को ट्रेड कराने वाला NSE खुद होने जा रहा है लिस्ट- पैसा लगाने से पहले जानें अंदर की बात

 देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपना आईपीओ लाने की तैयारी में है। निवेशकों में भारी उत्साह है, लेकिन अप्लाई करने से पहले इसका कमाई का फॉर्मूला और रिस्क जानना ज़रूरी है।

NSE का कमाई मॉडल: कैसे नोट छापता है एक्सचेंज?

NSE कोई सामान नहीं बनाता और न ही कर्ज देता है। यह खरीदार-विक्रेता को मिलाने का प्लेटफॉर्म है, जिसका ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 79% हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज से आता है।

कमाई का ब्रेकअप (FY26 के आंकड़े):

कमाई तगड़ी है, पर इन 3 बड़े जोखिमों (Risks) को न भूलें:

  1. SEBI की सख्ती: NSE की लगभग 88% ट्रांजैक्शन कमाई F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) से होती है। इस मार्केट पर सेबी (SEBI) के कड़े नियम इसकी कमाई को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।

  2. BSE से टक्कर: घरेलू बाजार में पहले से लिस्टेड प्रतिद्वंदी BSE से मिल रही कड़ी टक्कर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

  3. ग्लिच और साइबर अटैक: कोई भी तकनीकी खराबी (Outage) या साइबर हमला न सिर्फ कमाई बल्कि बाजार के भरोसे को भी चोट पहुंचा सकता है। Mega IPO: बाजार को ट्रेड कराने वाला NSE खुद होने जा रहा है लिस्ट- पैसा लगाने से पहले जानें अंदर की बात

एक्सपर्ट्स की राय: लॉन्ग टर्म की ‘कमाई की मशीन’?

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