LPG-PNG New Rules: ग्रामीण इलाकों और बिना पाइपलाइन वाले क्षेत्रों को बड़ी राहत, जानें किनके लिए है 30 और 90 दिन का सख्त नियम
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नई ‘वन हाउस, वन गैस कनेक्शन’ (One House, One Gas Connection) नीति को लेकर देश भर के उपभोक्ताओं के बीच कई तरह के भ्रम बने हुए हैं। आम जनता इस बात को लेकर परेशान है कि क्या अब सभी को अपने पुराने रसोई गैस सिलेंडर (LPG) सरेंडर करने होंगे?
इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं या आपके इलाके में पाइप वाली गैस (PNG) नहीं आई है, तो आपको बिल्कुल भी घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। यह नया नियम केवल और केवल उन्हीं चुनिंदा शहरी क्षेत्रों के लिए है जहां पीएनजी (PNG) का नेटवर्क पूरी तरह चालू हो चुका है।
ट्रेन में गूंजी किलकारी: कटनी-मैहर के बीच चलती ट्रेन में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, रेलवे की मुस्तैदी से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
1. ग्रामीण और बिना PNG वाले क्षेत्रों के लिए राहत
सरकार ने साफ किया है कि देश से एलपीजी सिलेंडर पूरी तरह गायब नहीं होने वाले हैं:
-
पहले की तरह मिलेगी डिलीवरी: ग्रामीण इलाकों और जिन शहरी कॉलोनियों में अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन नहीं बिछी है, वहां पुराने नियमों के तहत ही एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई और बुकिंग जारी रहेगी। LPG-PNG New Rules: ग्रामीण इलाकों और बिना पाइपलाइन वाले क्षेत्रों को बड़ी राहत, जानें किनके लिए है 30 और 90 दिन का सख्त नियम
-
कोई डेडलाइन नहीं: इन उपभोक्ताओं पर 30 या 90 दिन की समय-सीमा का कोई असर नहीं पड़ेगा। वे बेफिक्र होकर अपने एलपीजी कनेक्शन का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
2. क्या है 30 दिन की डेडलाइन का नियम? (नया PNG कनेक्शन लेने पर)
यह नियम उन उपभोक्ताओं के लिए है जो नया पीएनजी (PNG) कनेक्शन ले रहे हैं:
-
30 दिन में सरेंडर अनिवार्य: यदि किसी शहरी उपभोक्ता के घर में नया पीएनजी कनेक्शन चालू (Activate) होता है, तो उसे अगले 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर वाला कनेक्शन गैस एजेंसी को वापस सौंपना होगा।
-
उदाहरण: यदि आपके घर में 1 जून को पाइप वाली गैस शुरू हुई है, तो 30 जून से पहले आपको एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
3. क्या है 90 दिन का अल्टीमेटम? (पुराने PNG क्षेत्रों के लिए)
यह नियम उन विकसित शहरी इलाकों के लिए है जहां पीएनजी की पाइपलाइन पहले से बिछी हुई है और गैस सप्लाई सुचारू है, लेकिन उपभोक्ता अभी भी सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हैं:
-
90 दिन का नोटिस: ऐसे उपभोक्ताओं को तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों की तरफ से पीएनजी पर शिफ्ट होने के लिए 90 दिनों का समय (नोटिस) दिया जा रहा है।
-
कनेक्शन हो सकता है रद्द: यदि कोई उपभोक्ता इस 90 दिन की अवधि के बाद भी पीएनजी नेटवर्क पर शिफ्ट नहीं होता है, तो उसका मौजूदा एलपीजी कनेक्शन अस्थायी रूप से सस्पेंड या पूरी तरह से रद्द किया जा सकता है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य: महानगरों और बड़े शहरों में सुरक्षित, सस्ते और स्वच्छ ईंधन (PNG) को बढ़ावा देना है ताकि गैस सिलेंडरों की भारी-भरकम ढुलाई से निजात मिल सके। साथ ही, शहरों में एलपीजी सिलेंडर सरेंडर होने से उन सिलेंडरों को ग्रामीण क्षेत्रों में डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे सब्सिडी की लीकेज रुकेगी और संसाधन सही जगह पहुंचेंगे।

