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भोजशाला आंदोलन के शहीदों को ₹5-5 लाख की सम्मान राशि, उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन कराएगी सरकार: सीएम डॉ. यादव

भोजशाला आंदोलन के शहीदों को ₹5-5 लाख की सम्मान राशि, उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन कराएगी सरकार: सीएम डॉ. यादव।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन के बाद एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि धार में राज्य सरकार द्वारा भव्य ‘सरस्वती लोक’ का निर्माण कराया जाएगा और यहाँ राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर माननीय उच्च न्यायालय (High Court) ने जो निर्णय दिया है, राज्य सरकार उस न्यायिक आदेश का अक्षरश: पालन सुनिश्चित कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर धार में आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

भोजशाला आंदोलन के शहीदों को ₹5-5 लाख की सम्मान राशि, उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन कराएगी सरकार: सीएम डॉ. यादव

भोजशाला आंदोलन के शहीदों के परिवारों को ₹5-5 लाख की सहायता

मुख्यमंत्री ने भोजशाला की मुक्ति और सम्मान के लिए हुए आंदोलन में अपनी शहादत देने वाले तीन अमर शहीदों— स्व. श्री बनसिंह, स्व. श्री अंतरसिंह एवं स्व. श्री लक्ष्मण सिंह के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से तीनों शहीदों के निकटतम परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने मौन रखकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

धार जिले को ₹88.04 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

धार को प्रदेश का अग्रणी औद्योगिक जिला बताते हुए सीएम ने यहाँ चहुंमुखी विकास की नई धारा बहाने का संकल्प लिया। उन्होंने जिलेवासियों को 88.04 करोड़ रुपये की लागत वाले 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर बड़ी सौगात दी। इसमें 27.21 करोड़ रुपये की लागत से चंबल नदी पर लेबड़-घाटाविल्लौद मार्ग पर बनने वाला फोरलेन उच्च स्तरीय पुल भी शामिल है।

इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास व आवास मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय सहित स्थानीय विधायक और भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

जल संरक्षण के अग्रदूत थे राजा भोज: मध्यप्रदेश देश में अव्वल

जल गंगा संवर्धन अभियान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज भारत में जल प्रबंधन के अद्भुत दूरदर्शी और अग्रदूत थे। उन्होंने धार में जलापूर्ति के लिए साढ़े बारह तालाबों का निर्माण इस तकनीक से कराया था कि एक तालाब भरते ही पानी स्वतः दूसरे में चला जाता था। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे जल संरक्षण कार्यों में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है।

  • जल क्रांति के आंकड़े: प्रदेश भर में जनभागीदारी से 2,500 करोड़ रुपये की लागत के जल संरक्षण कार्य प्रगति पर हैं। अब तक 89,772 कुओं को रिचार्ज किया जा चुका है, 55 हजार से अधिक खेत तालाब और 105 अमृत सरोवर बनाए गए हैं।

  • शहरी निकायों का कमाल: प्रदेश के नगरीय निकायों ने तय लक्ष्य से 433 गुना अधिक काम करते हुए 9,630 जल संरचनाओं को पुनर्जीवित किया है। इस अभियान में खंडवा, बड़वानी, अशोकनगर, राजगढ़, डिंडोरी के बाद धार जिला छठवें स्थान पर है, जहाँ धार नगरपालिका क्षेत्र में 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

मालवा के पराक्रम और राजा भोज की विरासत पर गर्व

राजा भोज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा निर्मित भोपाल के बड़े तालाब, भोजपुर के विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग और बिना जंग लगने वाले 45 फीट लंबे अद्भुत लौह स्तंभ की वैज्ञानिक श्रेष्ठता का जिक्र किया।

भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि भोपाल के एक बहुचर्चित मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के राज्य सरकार के त्वरित निर्णय की आज सुप्रीम कोर्ट ने भी सराहना की है। हमारी सरकार न्यायालय के हर फैसले को लागू करने और प्रदेश के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि