No Confidence Motion Debate मतदान के बाद गिरा मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, PM मोदी ने दिया जोरदार जवाब

No Confidence Motion Debate)। लोकसभा में पीएम मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आदेश पर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ। लेकिन विपक्षी सदस्यों की कम संख्या के कारण इंडिया गठबंधन का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। इस बीच पीएम मोदी पर अशोभनीय टिप्पणी के आरोप में अधीर रंजन को लोकसभा से सस्पेंड कर दिया गया है।

मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए पीएम मोदी सदन में पहुंचे। उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुझे 20 साल हो गए हैं इस संसद में, लेकिन ऐसा दृश्य मैंने 2 दशक में नहीं देखा है। प्रधानमंत्री के प्रति जो शब्द इस्तमाल किए गए हैं विपक्ष के द्वारा, मैं मानता हूं कि सदन के सामने नहीं, लेकिन देश की जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए।

विपक्ष का वॉकआउट

अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दैरान विपक्षी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया। पीएम मोदी ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि यह सच है कि लंका को हनुमान ने नहीं जलाया था, उनके (रावण) घमंड ने जलाया। जनता भी भगवान राम की तरह है और इसीलिए आप 400 से 40 पर आ गए हैं।

पीएम मोदी कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने अपनी वायु सेना से मिजोरम में असहाय नागरिकों पर हमला करवाया। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या यह किसी अन्य देश की वायु सेना थी। क्या मिजोरम के लोग मेरे देश के नागरिक नहीं थे? क्या उनकी सुरक्षा भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी?

अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से निलंबित
अधीर रंजन चौधरी के बयान को लेकर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आपत्ति जताई। उन्होंने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कांग्रेस सांसद को सदन से निलंबित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने तक अधीर रंजन को निलंबित किया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ने जोशी के प्रस्ताव पर मतदान कराया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया

मणिपुर मुद्दे (Manipur Violence) पर विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के तीसरे दिन बारी-बारी से सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोगों ने अपनी बात रखी। आखिर में प्रधानमंत्री ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखा। विपक्ष पहले दिन से मणिपुर हिंसा मामले में प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहा था। पीएम मोदी के जवाब के बाद मतदान हुआ, जिसमें प्रस्ताव गिर गया। यहां पढ़ें इस दौरान सदन में किसने क्या कहा।

पीएम बोले- हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी

पीएम मोदी ने कहा कि इनकी पीड़ा, संवेदना सेलेक्टिव है। इनकी सभी बातें राजनीति से शुरू होती है,राजनीति पर खत्म होती है। इन्हें राजनीति के अलावा कुछ नहीं सूझता। मणिपुर में छह साल से जो सरकार है, वह समस्या का हल ढूढ रही है। पहले तो आए दिन बंद होता था, कर्फ्यू लगता था। अब सरकार उसका समाधान खोज रही है। नॉर्थ ईस्ट जिस प्रकार से साउथ एशिया का विकास हो रहा है। हमारा नॉर्थ ईस्ट विकसित होने जा रहा है, इस विकास का केंद्र बिंदू बनने जा रहा है।  इसलिए हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी है। नौ सालों में हमने पूर्वोत्तर के लिए अहम काम प्राथमिकता के साथ किया है

सदन में मां भारती के बारे में जो कहा गया है, उसने हर भारतीय की भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है: PM मोदी

उन्होंने कहा कि यहां सदन में मां भारती के बारे में जो कहा गया है, उसने हर भारतीय की भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है। मुझे नहीं पता कि क्या हो गया है। सत्ता के बिना ऐसा हाल किसी को हो जाता है। सत्ता सुख के बिना जी नहीं सकते? क्या भाषा बोल रहे हैं? पता नहीं क्यों कुछ लोगों को भारत की मां की मृत्यु की कामना करते देखा गया, इससे बड़ा दुख क्या होगा। ये लोग कभी लोकतंत्र की, कभी संविधान की हत्या की बात करते हैं। दरअसल, जो इनके मन में है, वही उनके कृतित्व में सामने आ जाता है। मैं हैरान हूं। ये बोलने वाले कौन लोग हैं, देश भूल गया है। क्या विभाजन की पीड़ा हम भूल गए? उन चीखों को लेकर आज भी वह हमारे सामने आता है। वह लोग जिन्होंने मां भारती के तीन-तीन टुकड़े कर दिए, वह भी तब जब मां भारत की बेड़ियों को काटना था, तब इन्होंने मां भारती की भुजाएं काट दीं। ये लोग किस मुंह से ऐसा बोलने की हिम्मत करते हैं? ये वो लोग हैं, जिस वंदे मातरम गीत ने देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा दी थी। हिंदुस्तान के हर कोने में वंदे मातरम चेतना का स्वर बन गया था, इन्होंने वंदे मातरम गीत के भी टुकड़े कर दिए। ये वो लोग हैं, जो भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग को बढ़ावा देते हैं। ये उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जो कहते हैं कि सिलीगुड़ी के पास जो कॉरिडोर हैं, उसे काट दें, तो पूर्वोत्तर अलग हो जाएगा।

जो बाहर गए, उन्हें पूछें कि कच्छतीवु कहां हैं, उनसे पूछिए। ये द्रमुक वाले मुझे चिट्ठी लिखते हैं कि मोदी जी उसे वापस ले आइए। तमिलनाडु से आगे और श्रीलंका से पहले यह टापू किसने किसी देश को दे दिया था? तब यह टापू मां भारती का अंग नहीं था? कौन था उस समय? श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में यह हुआ था। कांग्रेस का इतिहास मां भारती को छिन्न-भिन्न करने का रहा है। कांग्रेस का प्रेम क्या रहा है? एक सच्चाई बड़े दुख के साथ इस सदन के सामने रखना चाहता हूं। यह पीड़ा वह नहीं समझ पाएंगे, मैं चप्पे-चप्पे पर घुमा हुआ व्यक्ति हूं। मेरा इमोशनल अटैचमेंट है वहां के प्रति। मैं तीन प्रसंग आपके सामने रखना चाहता हूं।

Exit mobile version