MP Teacher Eligibility Test: मध्य प्रदेश में TET परीक्षा को लेकर गहराया असमंजस; ग्वालियर में 3500 शिक्षकों की सूची अटकी, 2006-2008 के शिक्षक 30 अगस्त को दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन
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ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) की तारीखें घोषित होने के बावजूद भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ग्वालियर जिले में शिक्षा विभाग द्वारा अब तक परीक्षा के दायरे में आने वाले पात्र शिक्षकों की सूची जारी नहीं की गई है। इस वजह से हजारों शिक्षक असमंजस में हैं कि वे परीक्षा का फॉर्म भरें या विभागीय आदेश का इंतजार करें।
1998 से 2010 के बीच नियुक्त 3500 शिक्षक दायरे में
विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, वर्ष 1998 से 2010 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों को यह पात्रता परीक्षा देनी है।
ग्वालियर जिले की स्थिति: जिले के करीब 3500 शिक्षक इस दायरे में आ रहे हैं।
2006 व 2008 के शिक्षक सबसे ज्यादा परेशान: कुल 3500 शिक्षकों में से लगभग 2000 शिक्षक अकेले वर्ष 2006 और 2008 में भर्ती हुए थे, जबकि 1998 से 2006 के बीच नियुक्त शिक्षकों की संख्या लगभग 1500 है।
2006 और 2008 में भर्ती हुए शिक्षकों का तर्क
वर्ष 2006 और 2008 में नियुक्त शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति पहले से ही चयन/पात्रता परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद हुई थी। ऐसे में उन्हें दोबारा TET परीक्षा देने के दायरे में क्यों रखा जा रहा है? विभाग द्वारा सूची जारी न होने और स्थिति स्पष्ट न करने के कारण इन शिक्षकों में भारी असंतोष है।
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा मार्गदर्शन, परीक्षा सिर पर
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने TET परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है:
आवेदन की अंतिम तिथि: 4 सितंबर
आवेदन में संशोधन: 9 अक्टूबर तक
परीक्षा की तिथि: 12 अक्टूबर
एक तरफ परीक्षा की तारीखें सिर पर हैं, तो दूसरी तरफ राज्य सरकार ने खुद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह मार्गदर्शन मांगा है कि 2006 और 2008 में पात्रता परीक्षा देकर नियुक्त हुए शिक्षकों की दोबारा परीक्षा कराई जाए या नहीं। फैसला कब आएगा, इसे लेकर संशय बना हुआ है।
30 अगस्त को दिल्ली में शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन
असमंजस की स्थिति को देखते हुए 2006 और 2008 में नियुक्त शिक्षकों के संगठनों ने 30 अगस्त को दिल्ली में महारैली करने का फैसला किया है, ताकि अपनी मांग को केंद्र सरकार और अदालत के ध्यान में लाया जा सके।
“TET को लेकर शिक्षक ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग भी असमंजस में है। इसीलिए अब तक सूची जारी नहीं हो सकी है और सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मार्गदर्शन मांगना पड़ा है। जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं आता, तब तक परीक्षा कराना उचित नहीं है।” – अरविंद दीक्षित, संयुक्त कर्मचारी मोर्चा