Mp New Bjp Govt मध्यप्रदेश में नई सरकार गठन को लेकर हर आधे घण्टे में एक नई कयास नई चर्चा सुनाई देती है। वास्तविकता यह है कि एमपी को लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व कहीं से भी किसी पशोपेश में नहीं है। दरअसल भाजपा विधानसभा चुनाव जीतने के दूसरे दिन से ही लोकसभा की तैयारी में जुट गई थी। स्वाभाविक है प्रदेश की जिस टीम के साथ यह प्रचंड जीत हासिल हुई लोकसभा चुनाव तक उसमें किसी तरह के बड़े फेरबदल की संभावना कम हैं। इस बीच आज भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने जेपी नड्डा और अमित शाह से भेंट की।
देर रात तक दिल्ली में वरिष्ठों की बैठक चली लेकिन एमपी से ज्यादा इस बैठक में राजस्थान को लेकर माथापच्ची हुई हालांकि अगले 2 दिन में सब क्लियर हो जाएगा। इधर मध्यप्रदेश में सीएम चेहरे ही नहीं कयासों और मीडिया रिपोर्ट्स में विधानसभा स्पीकर डिप्टी स्पीकर और मंत्रियों के नाम भी सुने जाने लगे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान के पद पर बने रहने की संभावनाओं की खबर ही ज्यादा हैं।
इस बीच मप्र को पहली बार महिला विधानसभा अध्यक्ष ( स्पीकर) मिल सकता है। चर्चाओं के मुताबिक सांसद रहीं सम्पतिया उइके, वरिष्ठ विधायक अर्चना चिटनीस के नाम सबसे ऊपर बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री
उधर खबर यह भी है कि मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री बनाये जा सकते हैं। इसके संकेत कुछ वरिष्ठ नेता दे चुके है पर लोकसभा चुनाव तक शिवराज को ही सीएम बनाए रखा जाएगा। बावजूद किसी नए चेहरे पर शीर्ष नेतृत्व ने विचार किया तो नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, कैलाश विजयवर्गीय ज्योतिरादित्य सिंधिया या प्रहलाद पटेल में से किसी को चुना जा सकता है।
लोकसभा में महाविजय अभियान पर फोकस
बता दें कि भाजपा तीन राज्यों में मिले महाविजय अभियान को मई में होने वाले लोकसभा चुनाव तक बरकरार रखने की तैयारी में जुट गई है। 163 जीतने के बाद भाजपा संगठन मप्र को लेकर कोई ऐसा चोंकाने वाला निर्णय ले तो अचरज्ञ नहीं होगा। जो भी हो इतना तो तय है कि मुख्यमंत्री पद के लिए शपथग्रहण 7-10 दिसम्बर तक संभव है।
मंत्रिमंडल गठन को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म
मंत्रिमंडल गठन को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा कि सीएम के साथ 25-28 मंत्री बनाए जा सकते हैं। नए चेहरों को ज्यादा जगह दी जाएगी जिससे वे फील्ड में पूरी क्षमता और शक्ति के साथ काम करें। विधायक का चुनाव लड़ने वाले सांसदों राय उदयप्रताप सिंह, रीती पाठक का को मंत्री बनाया जा सकता है वहीं सांसद राकेश सिंह के अलावा गोपाल भार्गव, जगदीश देवड़ा, जयंत मलैया को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा है। हाईकमान इस बार महिलाओं को खासी अहमियत दे सकता है ऐसे में 5-8 महिलाएं मंत्री बन सकती है।
महाकौशल, मालवा निमाड़ से ज्यादा फोकस
नए मंत्रिमंडल में मालवा-निमाड़ और महाकोशत क्षेत्र को सबसे अधिक महत्व मिलेगा। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 19 सीटें ज्यादा मिली है अतः 6-8 मंत्री यहां से आ सकते है। महाकौशल और बुंदेलखंड में 6-6 मंत्री हो सकते है। ग्वालियर चम्बल से 4 विधायक, विंध्य से 5-6 मंत्री हो सकते है। नर्मदपुरम से 2, मध्य क्षेत्र से 4 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
