Meerut ACO Raid: मेरठ में एंटी करप्शन टीम का बड़ा एक्शन; राजकीय निर्माण निगम का JE और ड्राइवर ₹1 लाख की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (ACO) की टीम ने रिश्वतखोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ACO की टीम ने जाल बिछाकर राजकीय निर्माण निगम के एक जूनियर इंजीनियर (JE) योगेंद्र सिंह और प्रोजेक्ट मैनेजर की गाड़ी के ड्राइवर नीरज पाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इन दोनों पर एक ठेकेदार का करीब 25 लाख रुपये का बकाया भुगतान (Payment) जारी करने के एवज में घूस मांगने का गंभीर आरोप है।
₹25 लाख का पेमेंट जारी करने के लिए पहले मांगे थे ₹1.70 लाख
ACO मेरठ प्रकोष्ठ के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, बागपत के रहने वाले ठेकेदार सत्येंद्र सिंह तोमर ने इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
- 3 साल से रुका था भुगतान: ठेकेदार सत्येंद्र ने बताया कि उन्होंने साल 2023 में ही निर्माण कार्य पूरा कर दिया था। इसके बावजूद उनका लगभग 25 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से अटका कर रखा गया था।
- ऐसे तय हुई डील: भुगतान जारी करने के नाम पर जूनियर इंजीनियर (JE) योगेंद्र सिंह ने पहले 1.70 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। काफी मान-मनौव्वल के बाद सौदा 1 लाख रुपये में तय हुआ।Meerut ACO Raid: मेरठ में एंटी करप्शन टीम का बड़ा एक्शन; राजकीय निर्माण निगम का JE और ड्राइवर ₹1 लाख की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
केमिकल लगे नोटों के जाल में फंसे जेई और ड्राइवर
ठेकेदार की शिकायत की पुष्टि होने के बाद ACO की टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक पुख्ता प्लान तैयार किया।
- मंगलवार सुबह की कार्रवाई: टीम ने ठेकेदार सत्येंद्र सिंह को विशेष केमिकल (फिनोलफ्थलीन) लगे नोट देकर मेडिकल थाना क्षेत्र के राजीवपुरम स्थित राजकीय निर्माण निगम के कार्यालय भेजा।
- ड्राइवर को आगे कर बचना चाहता था JE: दफ्तर पहुंचने पर शातिर जूनियर इंजीनियर योगेंद्र सिंह ने सीधे पैसे हाथ में न लेकर प्रोजेक्ट मैनेजर के ड्राइवर नीरज पाल को रकम कलेक्ट करने भेज दिया।
- भागने की कोशिश हुई नाकाम: जैसे ही ड्राइवर नीरज ने ठेकेदार से ₹1 लाख रुपये पकड़े, घात लगाकर बैठी ACO टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद जब टीम ड्राइवर को लेकर दफ्तर के अंदर दाखिल हुई, तो पकड़े जाने के डर से जेई योगेंद्र सिंह ने पिछले दरवाजे से खिसकने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे भी धर दबोचा।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए गए, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया (जो केमिकल लगे नोट छूने का पुख्ता वैज्ञानिक सबूत है)। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मेडिकल थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।Meerut ACO Raid: मेरठ में एंटी करप्शन टीम का बड़ा एक्शन; राजकीय निर्माण निगम का JE और ड्राइवर ₹1 लाख की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

