मेनका गांधी और उनकी बहन की रिट अपील खारिज: भोपाल की 522 एकड़ पुश्तैनी जमीन विवाद पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

मेनका गांधी और उनकी बहन के बीच 522 एकड़ पुश्तैनी जमीन का विवाद समाप्त-जबलपुर हाई कोर्ट ने खारिज की अपील

मेनका गांधी और उनकी बहन की रिट अपील खारिज: भोपाल की 522 एकड़ पुश्तैनी जमीन विवाद पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

जबलपुर: भोपाल स्थित करोड़ों रुपये की 522 एकड़ पुश्तैनी जमीन को लेकर वरिष्ठ राजनेता मेनका गांधी और उनकी बहन अंबिका शुक्ला के बीच वर्षों से चली आ रही कानूनी लड़ाई पर जबलपुर हाई कोर्ट ने विराम लगा दिया है।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ (Division Bench) ने दोनों बहनों की रिट अपील को निरस्त कर दिया है। इस फैसले के साथ ही विवादित संपत्ति का वी. एम. सिंह (V.M. Singh) के नाम नामांतरण (Mutation) कराने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।

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1975 से चल रहा था विवाद, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी जंग

भोपाल के बहेटा, बोरबन और लाऊखेड़ी क्षेत्र की लगभग 522 एकड़ बहुमूल्य भूमि से जुड़ा यह पारिवारिक विवाद दशकों पुराना है:

राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट के 2005 के फैसले के बावजूद भोपाल स्थित इस संपत्ति के राजस्व अभिलेखों (Revenue Records) में नाम दर्ज कराने और नामांतरण को लेकर विवाद थम नहीं रहा था। मेनका गांधी और अंबिका शुक्ला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की डबल बेंच ने रिट अपील खारिज कर दी, जिससे अब राजस्व रिकॉर्ड में वीएम सिंह के नाम संपत्ति दर्ज करने की कानूनी बाधाएं दूर हो गई हैं।

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