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मैथिली ठाकुर का वो गाना जिसे PM मोदी ने सराहा- शबरी भजन जिसे उन्होंने ट्वीट कर शेयर किया था

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मैथिली ठाकुर का वो गाना जिसे PM मोदी ने सराहा- शबरी भजन जिसे उन्होंने ट्वीट कर शेयर किया था। साल 2024 में अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान मैथिली ठाकुर ने मां शबरी पर एक गीत प्रस्तुत किया था

 

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बिहार चुनाव मतगणना के रुझानों में सिंगर और भाजपा उम्मीदवार मैथिली ठाकुर जीत की तरफ बढ़ती नजर आ रही हैं. अलीनगर की सीट से 11 राउंड के बाद भी मैथिली आगे ही चल रही हैं. उनका मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (महागठबंधन) के पुराने और अनुभवी चेहरे कहलाने वाले बिनोद मिश्रा से है. चुनाव में जीत की ओर बढ़तीं मैथिली तब चर्चा में आ गई थीं जब भाजपा ने उनके नाम का ऐलान किया था।

लोकगायिका मैथिली ठाकुर की गायिकी को कितना पसंद किया जाता है, इसे इस बात से समझा जा सकता है कि पीएम मोदी ने भी उनके गाने की तरीफ करते हुए उनके गाए गीत को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

जब पीएम मोदी ने की तारीफ

साल 2024 में अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान मैथिली ठाकुर ने मां शबरी पर एक गीत प्रस्तुत किया था. वो गीत सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. PM मोदी ने उस गीत के लिए मैथिली की प्रशंसा की. इतना ही नहीं, मैथिली के गीत को अपने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा था “अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का यह अवसर, देशभर में मेरे परिवारजनों को भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों से जुड़ी हर घटना की याद दिला रहा है. ऐसी ही एक भावुक घटना शबरी से जुड़ी है. सुनिए, मैथिली ठाकुर ने इसे अपनी मधुर धुनों में कैसे पिरोया है.”

यह है वो गाना

मैथिली कैसे बनीं लोकगायिका?

25 जुलाई, 2000 को जन्मी मैथिली ठाकुर बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं. संगीत उन्हें विरासत में मिला, लेकिन उन्होंने इसे जिस तरह से पेश किया उसने मैथिली को घर-घर पहुंचा दिया. उनके पिता रमेश ठाकुर एक संगीत शिक्षक हैं. मैथिली ने अपने दो भाइयों के साथ अपने पिता और दादा के मार्गदर्शन में संगीत सीखा.

बचपन से ही मैथिली को लोक और भारतीय शास्त्रीय संगीत दोनों का प्रशिक्षण मिला. संगीत के माहौल के बीच पलने-बढ़ने से पारंपरिक संगीत शैलियों की गहरी समझ विकसित करने में मदद मिली, जो अब उनकी पहचान बन गई है. सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग के साथ कार्यक्रमों में उन्हें सुनने के लिए लाखों लोग पहुंचते हैं.

वो गीत जिसने मैथिली को देशभर में पॉपुलर कर दिया

मैथिली ठाकुर ने कई ऐसे गीत गाए जिसने उन्हें देशभर में पॉपुलर कर दिया. इसमें ‘माई री माई’, ‘रंगबती’, ‘हरि नाम नहीं तो जीना क्या’, ‘पता नहीं किस रूप में आकार’, ‘नगरी हो अयोध्या सी’ और ‘ये तो प्रेम की बात है’. इसके अलावा छठ पूजा गीत और नवरात्रि के भजनों ने भी उन्हें पॉपुलर बनाने में मदद की.

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित

मैथिली की प्रतिभा को पूरे देश में पहचान मिली है. साल 2021 में, उन्हें लोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी ने उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह प्रतिष्ठित सम्मान उन युवा कलाकारों को दिया जाता है जो भारत की पारंपरिक कलाओं को जीवित रखते हैं और मैथिली की जीत बिहार के संगीत जगत के लिए एक गौरव का क्षण था. मैथिली को महिला दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवा सम्मान भी मिल चुका है.

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