Bihar Election 2025: मैथिली ठाकुर को अलीनगर से BJP का टिकट, पार्टी ने जारी की दूसरी लिस्ट
Bihar Election 2025: मैथिली ठाकुर को अलीनगर से BJP का टिकट, पार्टी ने जारी की दूसरी लिस्ट। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को 12 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी. इस लिस्ट में लोकगायिका मैथिली ठाकुर का भी नाम है. बीजेपी ने मैथिली को अलीनगर से उम्मीदवार बनाया है. मैथिली ने मंगलवार को बीजेपी का दामन थामा था।
Bihar Election 2025: मैथिली ठाकुर को अलीनगर से BJP का टिकट, पार्टी ने जारी की दूसरी लिस्ट
बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. इसके बाद से ही कहा जा रहा था कि मैथिली दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं और आज बीजेपी ने उन्हें यहां से टिकट भी दे दिया.
बीजेपी ने अपनी दूसरी लिस्ट में मैथिली के अलावा बक्सर से पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को टिकट दिया है. हायाघाट से रामचंद्र प्रसाद को उम्मीदवार बनाया गया है. मुजफ्फरपुर से रंजन कुमार को बीजेपी ने टिकट दिया है. इससे पहले बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट में 71 उम्मीदवार उतारे थे. वहीं दूसरी लिस्ट में 12 उम्मीदवारों के नाम हैं. कुल मिलाकर बीजेपी ने अब तक 83 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर चुकी है.
किसको कहां से मिली टिकट
| विधानसभा का नाम | उम्मीदवार का नाम | |
| 1 | अलीनगर | मैथिली ठाकुर |
| 2 | हायाघाट | रामचंद्र प्रसाद |
| 3 | मुजफ्फरपुर | रंजन कुमार |
| 4 | गोपालगंज | सुभाष सिंह |
| 5 | बनियानपुर | केदारनाथ सिंह |
| 6 | छपरा | छोटी कुमारी |
| 7 | सोनपुर | विनय कुमार सिंह |
| 8 | रोसड़ा (SC) | बीरेंद्र कुमार |
| 9 | बाढ़ | सियाराम सिंह |
| 10 | अगिआंव (SC) | महेश पासवान |
| 11 | शाहपुर | राकेश ओझा |
| 12 | बक्सर | आनंद मिश्रा, पूर्व IPS |
अलीनगर सीट के बारे में जानिए
बीजेपी ने मैथिली को जिस अलीनगर से उम्मीदवार बनाया है. वहां का सियासी इतिहास बड़ा ही रोचक है. दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट काफी महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है. यह सामान्य कोटे वाली सीट है. 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट पहली बार अस्तित्व में आई. 2020 के चुनाव में वीआईपी के मिश्री लाल यादव ने आरजेडी के विनोद मिश्रा को हराया था. मिश्री लाल को 61082 वोट मिले थे जबकि विनोद मिश्रा 57981 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे. इसके अलावा 2010 और 2015 के चुनाव में यह सीट RJD के खाते में गई थी. अब्दुल बारी सिद्दीकी दो बार लगातार यहां से चुनाव जीते थे. इस सीट के अस्तित्व में आने के बाद 2010 में पहली बार चुनाव हुआ था।

