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LIVE / चंद्रयान-2 की लैंडिंग की अभी पुष्टि नहीं, इसरो मुख्यालय में तनाव

07 09 2019 chandrayaan 2 19554495 159360 m

नई दिल्ली. चंद्रयान-2 की लैंडिंग को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। लैंडर विक्रम की पहले रात 1 बजकर 55 मिनट पर लैंडिंग होनी थी, लेकिन इसका समय बदलकर 1 बजकर 53 मिनट कर दिया गया। हालांकि, यह समय बीत जाने के बाद भी लैंडर विक्रम की स्थिति पता नहीं चल सकी। इसके बाद इसरो मुख्यालय के कंट्रोल रूम में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजिटर गैलरी से रवाना हो गए। वहां इसरो के पूर्व चेयरमैन मौजूदा चीफ डॉ. के. सिवन का हौसला बढ़ाते दिखे। अगर लैंडर विक्रम की लैंडिंग की पुष्टि हो जाती है तो सुबह 5 बजकर 19 मिनट पर रोवर प्रज्ञान बाहर आएगा, यह सुबह 5:45 पहली तस्वीर क्लिक करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए बेंगलुरु में हैं। वे रात 1 बजकर 20 मिनट पर इसरो मुख्यालय पहुंच गए। उनके साथ पिछले महीने साइंस क्विज जीतने वाले 60 बच्चे भी हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की है कि इस पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करें।

प्रज्ञान एक लूनर डे में कई प्रयोग करेगा
प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर एक लूनर डे (चांद का एक दिन) में ही कई प्रयोग करेगा। चांद का एक दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है। चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा ऑर्बिटर एक साल तक मिशन पर काम करता रहेगा। अगर लैंडर विक्रम चंद्रमा की ऐसी सतह पर उतरता है, जहां 12 डिग्री से ज्यादा का ढलान है तो उसके पलटने का खतरा रहेगा।

‘लैंडर की स्पीड कम होगी और सही जगह पहुंचकर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा’
इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर के मुताबिक- विक्रम ऑन बोर्ड कैमरों से सही स्थान का पता लगेगा। जब जगह मैच हो जाएगी, तो उसमें लगे 5 रॉकेट इंजनों की स्पीड 6 हजार किमी प्रति घंटा से शून्य हो जाएगी। लैंडर नियत जगह पर कुछ देर हवा में तैरेगा और धीमे से उतर जाएगा। लैंडर सही जगह उतरे, इसके लिए एल्टिट्यूड सेंसर भी मदद करेंगे। नायर ने यह भी बताया कि सॉफ्ट लैंडिंग कराने के लिए लैंडर में लेजर रेंजिंग सिस्टम, ऑन बोर्ड कम्प्यूटर्स और कई सॉफ्टवेयर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद जटिल ऑपरेशन है। मुझे नहीं लगता कि किसी भी देश ने रियल टाइम तस्वीरें लेकर ऑन बोर्ड कम्प्यूटरों के जरिए किसी यान की चांद पर लैंडिंग कराई है।

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