कटनी में ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान के तहत जागरूकता मैराथन, युवाओं ने लिया नशामुक्त समाज का संकल्
कटनी। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत बुधवार को कटनी पुलिस द्वारा फॉरेस्टर प्लेग्राउंड से मिशन चौक तक विशाल जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं और उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, समाज और भविष्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
मैराथन में साधुराम हायर सेकेंडरी स्कूल, बाडस्ले हायर सेकेंडरी स्कूल तथा कन्या शाला पुरवार के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने “नशे से दूरी है ज़रूरी”, “नशा मुक्त हो मध्य प्रदेश”, “स्वस्थ युवा, सशक्त भारत” और “भारत माता की जय” जैसे नारों के साथ शहरवासियों को नशामुक्त समाज का संदेश दिया। मार्ग में नागरिकों ने भी अभियान का स्वागत करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
मैराथन के समापन पर फॉरेस्टर प्लेग्राउंड में छात्र-छात्राओं, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों ने शपथ ली कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए फल, मिष्ठान एवं पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी कोतवाली राखी पांडे, रक्षित निरीक्षक संध्या राजपूत, यातायात प्रभारी अनूप सिंह, शिक्षा विभाग के क्रीड़ा अधिकारी अनूप डांगीवाला, खेल विभाग की श्रद्धा पांडे, उमा चढ़ार, रेखा पटेल, सामाजिक न्याय विभाग के दिव्यांशु कुररिया सहित पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कटनी पुलिस ने बताया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत जिलेभर में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित की जा सके।