MP में सरकार ने चुनाव से पहले नया आदेश जारी किया MSP समर्थन मूल्य ये तारीक से होंगी गेहूँ की ख़रीदी
MP में सरकार ने चुनाव से पहले नया आदेश जारी किया MSP समर्थन मूल्य ये तारीक से होंगी गेहूँ की ख़रीदी इस तारीख से होगी गेहूं की खरीदी सरकार ने चुनाव से पहले किया नया आदेश जारी विपणन वर्ष 2024 – 25 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन का कार्य चल रहा । गेहूं खरीदी हेतु पंजीयन 1 मार्च तक होंगे। इसके बाद सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीदी होगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं खरीदी की प्रक्रिया जल्दी शुरू होने वाली है। न्यूनतम समर्थन MSP मूल्य इस वर्ष 2275 रुपए प्रति किंटल निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष यह भाव 2125 रुपए प्रति किंटल है।
MSP समर्थन मूल्य
किसान गेहूं की यह सभी वैरायटी अभी न्यूनतम MSP समर्थन मूल्य से अधिक दाम पर बिक रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की खरीदी कब से शुरू होगी एवं गेहूं खरीदी की पूरी गाइडलाइन क्या है, आईए जानते हैं। किसान भाइयों न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP wheat purchase date पर आगामी 25 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीदी शुरू होगी। चना खरीदी के लिए पंजीयन 20 फरवरी से 10 मार्च तक होंगे। गेहूं के जीयन चल रहे हैं। पंजीयन के अंतिम तिथि 1 मार्च निश्चित है। वर्तमान में पंजीयन प्रक्रिया के दौरान किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि पोर्टल अपडेट हो रहा है। इसी वजह से पंजीयन का काम धीमा चल रहा निर्देशों के अनुसार पूर्व प्रक्रिया में किसान को फसल बेचने के लिए SMS प्राप्त होता था। SMS से प्राप्त तिथि पर किसान उपार्जन केन्द्र पर जाकर अपनी फसल बेच सकता था। SMS प्राप्ति की प्रक्रिया में कई बार किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। सरकार द्वारा तय परिवर्तित व्यवस्था में उपार्जन केन्द्र पर जाकर फर्सेल बेचने के लिए PMS प्राप्ति की अनिवार्यता को समाप्त किया गया है।
इस वर्ष बोनस भी दे सकती है क्योंकि मंडियों में अभी गेहूं के भाव तेज चल रहे हैं। ऐसी स्थिति में कम खरीदी होने का अनुमान है। मंडी में गेहूं के भाव अभी लोकवन गेहूं 2791 से 3064, गेहूं मालवराज 312 से 2351 गेहूं पूर्णा 2400 से 2666 रुपए प्रति किंटल रहे।
WISP नवीन व्यवस्था में फसल बेचने के लिए किसान, निर्धारित पोर्टल से नज़दीक के उपार्जन केन्द्र, तिथि और टाईम हेतु फसल अनुसार स्लॉट का चयन स्वयं कर सकेंगे। उपार्जन केन्द्र, तिथि और टाईम हेतु लॉट का चयन नियत तिथि के पूर्व करना अनिवार्य होगा।