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MSP Wheat purchase Rule: किसानों को मिला बंपर उपहार, गेहूं के समर्थन मूल्य में 7 प्रतिशत की वृद्धि

MSP Wheat purchase Rule: किसानों को मिला बंपर उपहार, गेहूं के समर्थन मूल्य में 7 प्रतिशत की वृद्धि।  पिछले दो वर्ष से गेहूं का उत्पादन कम हो रहा है। मौसम को देखते हुए इस वर्ष भी खतरा मंडरा रहा है। इस वर्ष रबी सीजन में गेहूं की बोवनी 4.04 प्रतिशत कम हुई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार गेहूं की बोवनी 320.54 (पिछले वर्ष 324.58) लाख हेक्टेयर जमीन पर हुई है। इसका असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा, वहीं मौसम के प्रतिकूल होने के कारण भी गेहूं की पैदावार कम होने की संभावना बढ़ गई है।

एमएसपी गेहूं खरीद नियम का कुल उत्पादन 114 मिलियन टन रहने की उम्मीद 

कृषि मंत्रालय के द्वारा जारी अनुमान के अनुसार इस सीजन में देश में गेहूं एमएसपी गेहूं खरीद नियम का कुल उत्पादन 114 मिलियन टन रहने की उम्मीद है। यही कारण है कि केंद्र सरकार के निर्देश के पास राज्य सरकार है अपने-अपने स्तर पर गेहूं की जल्दी खरीदी की तैयारी में जुट गई है गेहूं खरीदी के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। 15 मार्च से गेहूं के खरीदी होगी। इस बार किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में कई अन्य नियम भी रहेंगे आइए सब कुछ जानते हैं।

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सरकारी गोदामों में घटे स्टाक को लेकर सरकार चिंतित

देश के सरकारी गोदामों में घटे स्टाक को लेकर सरकार चिंतित और सजग दिख रही है। गेहूं का स्टाक देश में 16 साल में सबसे कमजोर बताया जा रहा है। बफर स्टाक का पैमाना 1 अप्रैल की अवधि में 7.46 मिलियन टन है। इसके मुकाबले फिलहाल स्टाक 8.35 मिलियन टन रह गया है। जो बफर स्टाक से मामूली ज्यादा है। पिछले वर्ष सरकारी एजेंसियां गेहूं के रिकार्ड उत्पादन के बावजूद खरीदी में पीछे रह गई। सिर्फ 26.2 मिलियन टन की सरकारी खरीदी हो सकी। इसी तरह 2021-22 में भी 107.74 मिलियन टन के उत्पादन के मुकाबले खरीदी सिर्फ 18.79 मिलियन टन हो सकी।

गेहूं की स्टॉक सीमा निर्धारण 31 मार्च तक बढ़ाई 

बफर स्टॉक घटना के कारण सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने एमएसपी गेहूं खरीद नियम के लिए सतर्क हो गई है। गेहूं के समर्थन मूल्य पर जल्दी खरीदी करने के साथ ही सरकार ने गेहूं की स्टॉक सीमा निर्धारण 31 मार्च तक कर दी है। संभावना है कि इसे बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान सरकार को समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सके। किसानों को मिला बंपर उपहार, गेहूं के समर्थन मूल्य में 7 प्रतिशत की वृद्धि।

गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल रहने की उम्मीद

पिछले सालों में जहां एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होती थी। खेतों में गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। इसके अलावा गेहूं के समर्थन मूल्य में पिछली वर्ष की तुलना में इस वर्ष समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। पिछले वर्ष समर्थन मूल्य 2125 रुपए था वहीं इस वर्ष 2275 रुपए प्रति क्विंटल रहेगा। एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने की घोषणा की थी। हालांकि इसका अधिकृत आदेश नहीं हुआ है यदि आदेश होता है तो ऐसी स्थिति में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल रहेगा।

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15 मार्च से शुरू होगी एमएसपी MSP पर गेहूं खरीदी

केंद्र सरकार के बाद के निर्देशों के बाद एमपी में गेहूं खरीदी को लेकर आवश्यक तैयारियां होने लगी है इधर यूपी सरकार ने किसानों को गेहूं खरीदी को लेकर बड़ी राहत दे दी है। यूपी में गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। यूपी सरकार ने इस बार गेहूं की खरीद का समय 15 दिन पहले कर दिया है। पिछले सालों में जहां एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होती थी। वहीं इस बार सरकार ने 15 दिन समय घटाते हुए 15 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू करने का निर्देश दिया है।

15 मार्च से 15 जून तक चलेगी गेहूं की खरीद

डिप्टी आरएमओ संतोष पटेल ने बताया कि गेहूं की खरीद 15 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अब तक कई किसानों ने रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। एमएसपी गेहूं खरीद नियम के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि 15 मार्च से पहले ही गेहूं क्रय केन्द्र फाइनल करते हुए सभी तैयारियां पूरी कर लें जिससे किसानों को दिक्कत न हो। किसानों को मिला बंपर उपहार, गेहूं के समर्थन मूल्य में 7 प्रतिशत की वृद्धि।

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गेहूं खरीदी के नियमों में बदलाव

वर्ष 2024 में गेहूं खरीदी के नियम को लेकर केंद्र सरकार ने कुछ नियमों में बदलाव किया है इस वर्ष किसानों को रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन में नॉमिनी दर्ज करवाना होगा। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि गेहूं बेचने एमएसपी गेहूं खरीद नियम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान गेहूं बेचने के समय अगर क्रय केन्द्र पर नहीं जा सकते हैं तो इसके लिए वह रजिस्ट्रेशन के समय अपने परिवार के किसी सदस्य का नाम दर्ज करा सकते हैं। गेहूं बेचने के लिए नामिनी में दर्ज व्यक्ति जाकर अपना अंगूठा लगाकर गेहूं बेच सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अपना बैंक खाता आधार सीडेड करा लें और NPCI से मैप करा दें।

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गेहूं के समर्थन मूल्य में 7 प्रतिशत की वृद्धि

न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात एमएसपी में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष केंद्र सरकार ने 7 प्रतिशत की वृद्धि की है। इस वर्ष गेहूं खरीदी के साथ भुगतान की प्रक्रिया को सरल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार गेहूं बेचने के 48 घंटे के अन्दर गेहूं का समर्थन मूल्य एमएसपी गेहूं खरीद नियम के तहत खाते में भेज दिया जाएगा। पिछले वर्ष इसका समय 7 दिन निर्धारित किया गया था।

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