Gujarat Election- आरएसएस ने हिंदुओं को एकजुट करने का दिया टास्क
Members of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS), or National Volunteers Force, perform drills during their foundation day celebrations in Ahmadabad, India, Sunday, Oct. 17, 2010.The RSS is the ideological parent of the right-wing Hindu nationalist Bharatiya Janata Party. (AP Photo/Ajit Solanki)
गुजरात चुनाव गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होगा। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।
गुजरात चुनाव-अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल,और जिग्नेश मेवानी जैसे नेताओं के उभार से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मिलती चुनौती के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राज्य के अपने 12 विभागों को हिंदुओं को एकजुट करने का दायित्व सौंपा है।
आरएसएस को लग रहा है कि गुजरात का हिंदू समाज विभाजनकारी राजनीति का शिकार हो रहा है। आरएसएस के विभागों की बहुत जल्द इस बाबत बैठक होने वाली है।
माना जा रहा है कि बैठक में अपने-अपने समुदायों के नेता के तौर पर उभर रहे इन युवाओं का प्रभाव खत्म करने के लिए रणनीति पर चर्चा होगी। हार्दिक पटेल पाटीदार समाज, अल्पेश ठाकोर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और जिग्नेश मेवानी दलित समुदाय से संबंध रखते हैं।
आरएसएस कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गुजरात दौरे में विभिन्न मंदिरों में दर्शन करने पर भी नजर रखे हुए है। गुजरात में पिछले दो दशकों से बीजेपी सत्ता में है
।हार्दिक पटेल अपनी सभाओं में बीजेपी को वोट न देने की अपील कर रहे हैं। हार्दिक पिछले दो साल से पाटीदारों को आरक्षण दिलाने के लिए आंदोलनरत हैं। उना में दलितों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुए आंदोलन के नेता के तौर पर उभरे जिग्नेश मेवानी हाल ही में राहुल गांधी से मिले थे।
अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होगा। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।