eligibility of EWS reservation जबलपुर हाई कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिए हैं कि उच्च शिक्षा शिक्षक भर्ती 2018 के तहत ईडब्ल्यूएस वर्ग के रिक्त पदों की मेरिट सूची बनाकर हर हाल में नियुक्ति प्रदान करें।
शिवानी शर्मा व अन्य उम्मीदवारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल और कटनी के घनश्याम पांडे, नरसिंहपुर के मनोज कुमार राजपूत की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आयुक्त लोक शिक्षण ने 2018 की पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद ईडब्ल्यूएस वर्ग की सीटों पर नियुक्ति नहीं दी।
पात्रता परीक्षा के समय ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रविधान नहीं था, लेकिन पात्रता परीक्षा की वैधता एक वर्ष तक रहती है। केन्द्र सरकार ने संविधान में संशोधन कर 14 जनवरी, 2019 को ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू किया। इस कारण याचिकाकर्ताओं को उसका लाभ मिलना चाहिए। ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अहर्ता 75 प्रतिशत अंक निर्धारित किया गया था और याचिकाकर्ता इसके पात्र हैं। यह भी बताया गया कि 2018 के बाद पात्रता परीक्षा 2023 में हुई
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने उक्त वर्ग की विषय वार सूची तैयार करें और अभ्यर्थियों को उन्हें प्राप्त अंकों के आधार पर नियुक्ति दें। कोर्ट ने यह पूरी प्रक्रिया 45 दिन के भीतर करने के निर्देश दिए।

