Election 2024 आदिवासी वोटर के सहारे सरकार बनने या खेल बिगड़ने विशेष उत्सुक ज्ञानियों के लिए खास है खबर
Election 2024 आदिवासी वोटर के सहारे सरकार बनने या खेल बिगड़ने के लिए विशेष उत्सुक ज्ञानियों के लिए खास है खबर
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Election 2024 यह खबर परिणामों पर ज्ञान देने वालों के लिए काफी अहम है जो आदिवासी वोटर के सहारे सरकार बनने या खेल बिगड़ने के लिए विशेष उत्सुक हैं।
दरअसल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित शहडोल, मंडला, रतलाम, धार, खरगोन, बैतूल और अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित भिंड, टीकमगढ़, देवास और उज्जैन लोकसभा सीट पर पिछले चुनाव की तुलना में मतदान प्रतिशत कम रहा है।
इन सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित चुनाव आयोग ने जमकर प्रचार-प्रसार किया था और सभी को उम्मीद थी इन सीटों पर बंपर वोटिंग होगी, लेकिन चारों चरणों का मतदान प्रतिशत चौकाने वाला रहा है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 4.1 प्रतिशत कम मतदान हुआ है।
2019 के लोकसभा चुनाव में 73.5 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं इस बार लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान 69.4 प्रतिशत पर ही सिमट कर रह गया है। चौथे चरण की संसदीय सीट रतलाम में मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनिता नागर सिंह चौहान, कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के विरूद्ध चुनावी मैदान में है।
यहां अपनी पत्नी को जिताने के लिए मंत्री चौहान सहित दो अन्य मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप और निर्मला भूरिया ने भी चुनाव प्रचार किया। बावजूद इसके मतदान बढ़ाने में इसकी मेहनत रंग नहीं लाई।