Dhar Bhojshala Decision: मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में मिली भोजशाला को मान्यता: हाईकोर्ट ने नमाज पर लगाई रोक, ट्रस्ट बनाने का आदेश।

Dhar Bhojshala Decision: मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में मिली भोजशाला को मान्यता: हाईकोर्ट ने नमाज पर लगाई रोक, ट्रस्ट बनाने का आदेश। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने आज शुक्रवार (15 मई) को धार के विवादित भोजशाला परिसर पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे पूर्णतः हिंदू मंदिर घोषित कर दिया है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए माना कि यह स्थल मां सरस्वती (वाग्देवी) का प्राचीन मंदिर है।

Dhar Bhojshala Decision: मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में मिली भोजशाला को मान्यता: हाईकोर्ट ने नमाज पर लगाई रोक, ट्रस्ट बनाने का आदेश।

ASI सर्वे की रिपोर्ट बनी फैसले का मुख्य आधार

न्यायालय ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) द्वारा सौंपी गई 2000 पन्नों की वैज्ञानिक रिपोर्ट को सबसे विश्वसनीय साक्ष्य माना। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि परिसर में मिले 106 स्तंभ, प्राचीन शिलालेख और खंडित देव प्रतिमाएं इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि यह मूल रूप से एक मंदिर ही था, जिसे बाद में परिवर्तित करने की कोशिश की गई थी।

हाईकोर्ट के फैसले की बड़ी बातें:

धार में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

फैसला आते ही पूरे धार जिले में सुरक्षा व्यवस्था को ‘हाई अलर्ट’ पर डाल दिया गया है।

हिंदू पक्ष में खुशी की लहर

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और याचिकाकर्ताओं ने इसे “सत्य की जीत” बताया है। उन्होंने कहा कि 2022 से चल रही यह कानूनी लड़ाई आज तार्किक परिणति तक पहुँची है और अब मां वाग्देवी के दरबार में नियमित आरती और वंदना गूंजेगी।

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