BJP Samrasata Abhiyan: गुरु पूर्णिमा पर बीजेपी का बड़ा दांव-7 महीने तक देश भर में चलेगा ‘श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’
BJP Samrasata Abhiyan: गुरु पूर्णिमा पर बीजेपी का बड़ा दांव-7 महीने तक देश भर में चलेगा 'श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान'
BJP Samrasata Abhiyan: गुरु पूर्णिमा पर बीजेपी का बड़ा दांव-7 महीने तक देश भर में चलेगा 'श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान'
BJP Samrasata Abhiyan: गुरु पूर्णिमा पर बीजेपी का बड़ा दांव-7 महीने तक देश भर में चलेगा ‘श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’
वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक बड़े राष्ट्रव्यापी सामाजिक और राजनीतिक अभियान की घोषणा की है। भाजपा 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 (संत रविदास जयंती) तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी। लगभग सात महीने तक चलने वाले इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत संत रविदास जी की जन्मस्थली, वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर से होगी।
शुभारंभ समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से शामिल होंगे। अभियान के तहत जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को कलशों में भरकर देश के विभिन्न राज्यों में ले जाया जाएगा।
अभियान में क्या-क्या होगा शामिल?
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने बताया कि संत गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में यह विशाल अभियान आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर में:
समरसता सभाएं और पदयात्राएं: देश के विभिन्न कोनों में सामाजिक समरसता सभाओं और पदयात्राओं का आयोजन होगा।
सामाजिक संवाद: संत रविदास जी के समानता और समरसता के विचारों पर आधारित चर्चाएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जन-जन तक संदेश: इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक समानता और संत रविदास जी के संदेशों को हर घर तक पहुंचाना है।
राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले अनुसूचित जाति और दलित समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने और सीधे सामाजिक संपर्क बनाने की एक बेहद रणनीति-पूर्ण पहल के रूप में देख रहे हैं। BJP Samrasata Abhiyan: गुरु पूर्णिमा पर बीजेपी का बड़ा दांव-7 महीने तक देश भर में चलेगा ‘श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’
रविदास समाज का चुनावी गणित और प्रभाव
संत रविदास जी को मानने वाला समुदाय देश के कई राज्यों में राजनीतिक रूप से बेहद निर्णायक भूमिका निभाता है:
पंजाब (दोआबा क्षेत्र): पंजाब की करीब 32% आबादी अनुसूचित जाति से है। जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और नवांशहर (दोआबा क्षेत्र) में यह समाज करीब 20–25 विधानसभा सीटों पर हार-जीत तय करता है।
उत्तर प्रदेश: जन्मस्थली वाराणसी होने के कारण पूर्वांचल और मध्य यूपी की लगभग 60–80 विधानसभा सीटों पर रविदास समाज का सीधा और निर्णायक असर माना जाता है।
अन्य राज्य: दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में भी यह समुदाय कई सीटों पर मजबूत प्रभाव रखता है।