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कटनी: संत रविदास की 650वीं जयंती पर निकलेगी ‘समरसता संकल्प यात्रा’, कलेक्टर ने दिए तैयारियों के निर्देश

कटनी: संत रविदास की 650वीं जयंती पर निकलेगी ‘समरसता संकल्प यात्रा’, कलेक्टर ने दिए तैयारियों के निर्देश

संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जन्मजयंती के अवसर पर उनके सामाजिक न्याय, समता और सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। कटनी जिले में इस अभियान के सुव्यवस्थित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

 अभियान एवं यात्रा का पूरा शेड्यूल

  • 18 अगस्त (भोपाल में प्रदेश स्तरीय शुभारंभ): भोपाल के रवीन्द्र भवन में दोपहर 12 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जहाँ से पावन कलश विभिन्न जिलों के लिए रवाना किए जाएंगे।

  • 18 से 31 अगस्त (संत संपर्क कार्यक्रम): स्थानीय संतों और गुरुओं से संपर्क कर उन्हें सामाजिक समरसता के इस महाअभियान से जोड़ा जाएगा और कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाएगा।

  • 20 अगस्त (कलश वंदन एवं सम्मान): कटनी जिला मुख्यालय पर पावन कलश का भव्य स्वागत और वंदन किया जाएगा।

  • 20 अगस्त से 10 सितंबर (कलश रथ यात्रा): पावन कलश रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न मार्गों, स्थानीय रविदास मंदिरों और ग्राम स्तर तक पहुंचेगा, जहाँ सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ और भजन संध्या जैसे कार्यक्रम होंगे।

  • 5 अक्टूबर से 5 नवंबर (राज्य स्तरीय समरसता यात्रा): डेरा सचखंड, बल्लन (जालंधर) से शुरू होकर यह यात्रा मध्यप्रदेश के विभिन्न पड़ावों से गुजरेगी, जहाँ समरसता गोष्ठी व विचार संगोष्ठियाँ होंगी।

अधिकारियों को सौंपी गईं मुख्य जिम्मेदारियाँ

  • नोडल अधिकारी: नगरीय क्षेत्रों के लिए नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • जन-जागरूकता व संस्कृति विभाग: जन अभियान परिषद एवं योजना विभाग जनभागीदारी बढ़ाने का काम करेंगे, जबकि संस्कृति विभाग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयोजन करेगा।

  • जनप्रतिनिधियों व संतों की सहभागिता: कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में स्थानीय संतों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

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