दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद बड़ा राजनीतिक फेरबदल; कांग्रेस के सभी सेल भंग, BJP ने दतिया जिला इकाई की खत्म
दतिया में हार का असर: आशुतोष तिवारी ने दिए भीतरघात के ऑडियो-वीडियो सबूत, भाजपा की दतिया टीम भंग
दतिया उपचुनाव के नतीजों के बाद बड़ा राजनीतिक फेरबदल; कांग्रेस के सभी सेल भंग, BJP ने दतिया जिला इकाई की खत्म
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक साथ बड़े संगठनात्मक फेरबदल की लहर आ गई है। जहाँ एक तरफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने प्रदेश कांग्रेस के सभी विभागों और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी दतिया जिला इकाई को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
1. MP कांग्रेस में नए सिरे से कसावट की तैयारी
कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने 5 अगस्त 2026 को आधिकारिक आदेश जारी करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के सभी विभागों, प्रकोष्ठों (Cells) और उनकी सभी स्तरों (जिला व ब्लॉक) की इकाइयों को भंग कर दिया है।
पुनर्गठन का उद्देश्य: यह फैसला संगठन को नए सिरे से मजबूत और सक्रिय करने के लिए लिया गया है।
वरिष्ठ नेताओं को सूचना: इस निर्णय की प्रति कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भेज दी गई है।
अगला कदम: जल्द ही नई टीमों और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के साथ विभागों व प्रकोष्ठों का पुनर्गठन शुरू किया जाएगा।
2. दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP की बड़ी कार्रवाई
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित किया। इस हार के तुरंत बाद भाजपा संगठन में हड़कंप मच गया।
जिला इकाई भंग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मंथन बैठक के कुछ ही घंटों बाद भाजपा की दतिया जिला इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया।
भीतरघात के सबूत: सूत्रों के मुताबिक, सीएम आवास में हुई बैठक के दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने पार्टी के ही कुछ स्थानीय नेताओं पर भीतरघात (Cross-voting/Sabotage) का आरोप लगाया और इसके समर्थन में ऑडियो-वीडियो सबूत भी सौंपे।
जांच समिति की अनुशंसा: प्रदेश संगठन महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।