दतिया उपचुनाव के बाद MP में सियासी हलचल: कांग्रेस और BJP संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी; हटेंगे कई जिलाध्यक्ष

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दतिया उपचुनाव के बाद MP में सियासी हलचल: कांग्रेस और BJP संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी; हटेंगे कई जिलाध्यक्ष

भोपाल: दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सामने आते ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने संगठनों में कसावट शुरू कर दी है। दोनों दल जिलों में कमजोर कड़ियों को चिह्नित कर रहे हैं, ताकि संगठन की कार्यप्रणाली को दुरुस्त किया जा सके। आने वाले दिनों में दोनों ही प्रमुख दलों के कई जिलाध्यक्षों की छुट्टी होना तय माना जा रहा है।

 कांग्रेस का एक्शन प्लान: 8 जिलाध्यक्ष और निष्क्रिय पदाधिकारी होंगे बाहर

दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है:

  • 8 जिलाध्यक्ष होंगे कार्यमुक्त: कांग्रेस ने 8 जिलाध्यक्षों को चिह्नित कर लिया है, जिन्हें जल्द ही उनके पदों से कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।

  • प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन: संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी में भी बदलाव किया जाएगा।

  • निष्क्रिय नेताओं पर गाज: कार्यकारिणी से ऐसे सभी पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं या संगठन के काम में रुचि नहीं ले रहे हैं।

BJP में भी सुगबुगाहट: 12 जिलाध्यक्षों पर गिर सकती है गाज

उधर, भारतीय जनता पार्टी भी अपने जिला स्तर के नेतृत्व की समीक्षा कर रही है:

  • 12 जिलाध्यक्षों को हटाने की तैयारी: भाजपा भी लगभग 12 जिलाध्यक्षों को बदलने का विचार कर रही है।

  • दतिया में हो चुकी है कार्रवाई: दतिया में जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के साथ ही जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह को पहले ही हटाया जा चुका है।

  • विवादों और कमजोर प्रदर्शन पर गाज: बालाघाट जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे के स्वजनों का नाम चावल घोटाले में आने के कारण उन पर संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा, जिन जिलों में प्रदर्शन कमजोर रहा है, वहां भी नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।