Reliance, Wipro, Infosys के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! EPFO ने प्राइवेट ट्रस्टों के लिए बदले नियम, जानें आप पर क्या होगा असर
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Reliance, Wipro, Infosys के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! EPFO ने प्राइवेट ट्रस्टों के लिए बदले नियम, जानें आप पर क्या होगा असर। अगर आप किसी ऐसी बड़ी कंपनी में काम करते हैं जिसका अपना पीएफ (PF) ट्रस्ट है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता वाले केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने प्राइवेट ट्रस्टों के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को मंजूरी दे दी है। इसका मुख्य उद्देश्य लगभग 32 लाख कर्मचारियों की जमा राशि को सुरक्षित करना है।
Reliance, Wipro, Infosys के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! EPFO ने प्राइवेट ट्रस्टों के लिए बदले नियम, जानें आप पर क्या होगा असर
1. EPFO के बराबर या उससे बेहतर देने होंगे लाभ
नई एसओपी के अनुसार, देश के 1250 से ज्यादा प्राइवेट ट्रस्टों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने कर्मचारियों को वही लाभ दें जो EPFO देता है, या उससे बेहतर। यदि कोई ट्रस्ट नियमों का पालन नहीं करता, तो उसकी ‘छूट’ (Exemption) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।
2. ‘मनमाने’ ब्याज पर लगा लगाम
EPFO ने पाया कि कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को 30-34% तक का भारी-भरकम ब्याज दे रही थीं। अब इस पर रोक लगा दी गई है:
अधिकतम सीमा: प्राइवेट ट्रस्ट अब EPFO द्वारा तय ब्याज दर से अधिकतम 2% (200 बेसिस पॉइंट) ज्यादा ही ब्याज दे सकेंगे।
मकसद: इसका उद्देश्य पीढ़ियों के बीच समानता बनाए रखना और फंड की स्थिरता सुनिश्चित करना है।
3. निष्क्रिय खातों का पैसा होगा ट्रांसफर
कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए अब बिना KYC वाले और निष्क्रिय खातों (Inoperative Accounts) में जमा राशि को ब्याज सहित सीधे EPFO के केंद्रीय कोष में ट्रांसफर करना होगा।
4. इन दिग्गज कंपनियों पर पड़ेगा असर
EPFO की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं जो अपने स्वयं के पीएफ ट्रस्ट चलाते हैं:
निजी क्षेत्र: रिलायंस इंडस्ट्रीज, विप्रो, इंफोसिस, टाटा टी, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर।
सार्वजनिक क्षेत्र: NTPC, IOCL, BPCL, BHEL, बोकारो स्टील।
क्या होते हैं प्राइवेट ट्रस्ट?
प्राइवेट या ‘छूट प्राप्त’ संस्थान वे कंपनियां होती हैं जो अपने कर्मचारियों का पीएफ पैसा EPFO में जमा करने के बजाय खुद के द्वारा बनाए गए ट्रस्ट में मैनेज करती हैं। वर्तमान में ये ट्रस्ट करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मैनेज कर रहे हैं।