Site icon Yashbharat.com

भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट को मिलेगी विश्व धरोहर की मान्यता? यूनेस्को सूची में शामिल होने के करीब संस्कारधानी

Screenshot 20250922 141348 Chrome

जबलपुर। भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट को मिलेगी विश्व धरोहर की मान्यता? यूनेस्को सूची में शामिल होने के करीब संस्कारधानी। भेड़ाघाट व लम्हेटाघाट की चट्टानें यूनेस्को के विश्व धरोधर सूची में शामिल होने के करीब पहुंच गई हैं।

जिसके बाद नर्मदा तट पर बसे जबलपुर की प्राचीन धरा को अब पूरी दुनिया में पहचान मिलेगी। भूगर्भ शास्त्र के अनुसार दो हजार करोड़ वर्ष पुरानी जबलपुर के नर्मदा तट की चट्टानें सदियों से पृथ्वी की कई संरचनाओं के निर्माण की गवाह रही हैं।

कुछ वर्ष पहले यूनेस्को ने भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट (भूगर्भशास्त्र में लमेटा फार्मेशन के नाम से विख्यात) की चट्टानों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का निर्णय किया और वर्ष 2021 में लम्हेटा यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल हुआ। संगमरमर के पत्थरों को चीरकर निकलती नर्मदा के इस तट को दुनिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सूची में लाने के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (डब्ल्यूआइआइ), जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड समेत राष्ट्रीय स्तर की अन्य एजेंसी कार्य कर रही हैं।भेड़ाघाट और लम्हेटाघाट को मिलेगी विश्व धरोहर की मान्यता? यूनेस्को सूची में शामिल होने के करीब संस्कारधानी

Exit mobile version