Site icon Yashbharat.com

Bangladesh Truck Accident: ईद की खुशियां मातम में बदलीं; बांग्लादेश में मजदूरों से भरा ट्रक पलटने से 15 की मौत, लोहे की छड़ों के नीचे दबे

telangana bus accident

Bangladesh Truck Accident: ईद की खुशियां मातम में बदलीं; बांग्लादेश में मजदूरों से भरा ट्रक पलटने से 15 की मौत, लोहे की छड़ों के नीचे दबे

ढाका: बांग्लादेश में त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब सोमवार तड़के एक प्रमुख राजमार्ग पर लोहे की छड़ों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस भीषण हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में अधिकांश दिहाड़ी मजदूर थे, जो आगामी गुरुवार को मनाए जाने वाले ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार के लिए लिफ्ट मांगकर घर जा रहे थे।Bangladesh Truck Accident: ईद की खुशियां मातम में बदलीं; बांग्लादेश में मजदूरों से भरा ट्रक पलटने से 15 की मौत, लोहे की छड़ों के नीचे दबे

 तड़के 5 बजे हुआ हादसा, चालक ने खोया नियंत्रण

स्थानीय पुलिस प्रमुख फुआद हुसैन से मिली जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना राजधानी ढाका से लगभग 83 किलोमीटर (52 मील) दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित तंगेल जिले के सोराटोइल इलाके में हुई।

 लिफ्ट मांगकर सफर करना पड़ा भारी

पुलिस अधिकारी हुसैन ने बताया कि यह ट्रक ढाका से बांग्लादेश के उत्तरी क्षेत्र की ओर जा रहा था। ईद की सरकारी छुट्टियां शुरू होने के कारण सड़कों पर भारी भीड़ थी और परिवहन के साधन कम थे।

त्योहार की चाह ले गई जान: घर पहुंचने की जल्दी में इन गरीब दिहाड़ी मजदूरों ने इस मालवाहक ट्रक के चालक से लिफ्ट मांगी थी और वे छड़ों के ऊपर ही सवार हो गए थे। ट्रक पलटने से लोहे की भारी-भरकम छड़ें इन मजदूरों के ऊपर ही गिर गईं, जिससे ज्यादातर लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

 बांग्लादेश की सड़कों पर गहराता मौत का साया

17 करोड़ से अधिक की आबादी वाले बांग्लादेश में यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी त्योहार से पहले इस तरह का बड़ा हादसा हुआ हो। जानकारों के मुताबिक, बांग्लादेश में सड़क हादसों के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

इन विसंगतियों के चलते इस दक्षिण एशियाई देश में हर साल हजारों लोग सड़कों पर अपनी जान गंवा देते हैं। इस हादसे के बाद पूरे प्रभावित ग्रामीण इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

Exit mobile version