कटनी जिले की प्रशासनिक खबरें:-एसआईआर के कार्य को गंभीरता के साथ चुनावी मोड पर करें- कलेक्टर, लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (विसंगतियों) के निराकरण के लिये दिया गया प्रशिक्षण
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रकीकरण अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश
कटनी जिले की प्रशासनिक खबरें:-एसआईआर के कार्य को गंभीरता के साथ चुनावी मोड पर करें- कलेक्टर, लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (विसंगतियों) के निराकरण के लिये दिया गया प्रशिक्षण
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रकीकरण अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देशå
कटनी (YASH BHARAT.COM)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 का कार्य सतत जारी है। इसी क्रम में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष तिवारी ने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिेये नियुक्त अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के प्रशिक्षण सह समीक्षा के दौरान एसआईआर के कार्य को सभी को गंभीरता से लेने और चुनावी मोड पर जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिये।बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नीलांबर मिश्रा और सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सहित ईआरओ एवं एईआरओ मौजूद रहे।कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि बीएलओ ऐप की लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (विसंगतियों) की जांच कर यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इस दौरान लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी का निराकरण पोर्टल पर करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।इस दौरान बताया गया कि निर्वाचक नामावली विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत किये गये सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं को नो मैपिंग में रखा गया था तथा ऐसे मतदाता जिनके स्वयं के नाम उम्र एवं माता-पिता, दादा-दादी के नाम तथा उम्र व रिश्तों में अंतर पाया गया उन्हें लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी विसंगति की श्रेणी में रखा गया है। बताया गया कि पिता के नाम का मतदाता सूची से मिलान न होना, लिंग की गलत प्रविष्टि, दादा-दादी एवं मतदाता की उम्र में 40 वर्ष से कम का अंतर तथा पिता एवं संतान के बीच 15 वर्ष से कम उम्र के अंतर जैसी विसंगतियों का निराकरण किया जाना है। ताकि मतदाता सूची को शुद्ध बनाया जा सके।
कलेक्टर के निर्देश
कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देशित किया कि लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी विसंगति एवं जो मतदाता पूर्व में मैप किये जा चुके हैं उनका सत्यापन कर फाइनल मतदाता सूची में भेजें। इसके अलावा कलेक्टर ने नो मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई का कार्य पूर्व से नियुक्त तहसीलदार व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को करने के निर्देश दिये। कलेक्टर श्री तिवारी ने एसआईआर के कार्य में लगे सभी ईआरओ को बिना संबंधित एसडीएम की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व करें शत-प्रतिशत लक्ष्यों को पूर्ण- कलेक्टर, जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक में कलेक्टर ने की स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
कटनी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पूर्व सभी विभाग एवं बैंकर्स स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं के लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही योजनांतर्गत ब्याज अनुदान की राशि क्लेम करें। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने यह निर्देश जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक में दिये। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अग्रणी जिला प्रबंधक एम. किण्डो सहित पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी आदि विभिन्न विभागों के अधिकारी, एसबीआई के नोडल प्रतिनिधि, बैंकर्स एवं बीमा कंपनी के ब्रांच मैनेजर की उपस्थिति रही। बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुये कलेक्टर श्री तिवारी ने शासन द्वारा प्रदाय लक्ष्यों में पिछड़ने वाली बैंकों को स्थिति में तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत ब्याज अनुदान क्लेम करने के लिए सभी बैंकर्स को निर्देशित किया।बैठक में सभी बैंकों को निर्देशित किया गया कि वे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा प्रकरण स्वीकृत करें और जो प्रकरण वितरण हेतु लंबित है, उनमें शीघ्र ऋण वितरण की कार्यवाही करायें। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के लक्ष्यों के अनुरूप लक्ष्यपूर्ति करने की भी हिदायत दी। कलेक्टर श्री तिवारी ने पीएमएफएमई योजना की प्रकरणवार समीक्षा की और सभी बैंकर्स को लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुये विभाग को बैंको से समन्वय करने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर श्री तिवारी ने पशुपालन विभाग के केसीसी प्रकरणों में सभी बैंकों को निर्देश दिये कि ब्रांच में लंबित केसीसी के प्रकरण जल्द से जल्द स्वीकृत कर ऋण वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिक से अधिक प्रकरण तैयार कर बैंकों को प्रेषित किए जाने हेतु भी विभाग को निर्देशित किया। कलेक्टर श्री तिवारी ने अंत्यावसायी एवं अनुसूचित जाति जनजाति विभाग को अधिक संख्या में ऋण प्रकरण बैंको की ओर प्रेषित करने के निर्देश दिए।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में निकाली गई जिला स्तरीय मोटर साइकिल रैली
कटनी। कृषक कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में शनिवार को किसानों को प्राकृतिक खेती और उन्नत तकनीक के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट कार्यालय से मिशन चौक तक जिला स्तरीय मोटर साइकिल रैली निकाली गई। रैली को विधायक मुड़वारा संदीप श्री्रपसाद जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता मेहरा और कलेक्टर श्री आशीष तिवारी व जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी तथा उपसंचालक कृषि अरूणिमा सेन अयंगर तथा सहायक संचालक कृषि डॉ. रामनाथ पटेल व मनीष मिश्रा, पर्यावरणविद एवं सचिव मानव जीवन विकास समित निर्भय सिंह सहित विकासखंड और तहसील मुख्यालय से आये कृषि, पशुपालन विभाग के मैदानी अमले में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही। मोटर साईकिल रैली का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर से मिशन चौक तक किया गया। मिशन चौक तक पहुंचकर मिशन चौक से वापस कलेक्ट्रेट पहुंची। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही।कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन फसल की बोनी के पूर्व कृषि रथ का संचालन जिलें के समस्त छः विकासखण्डों में किया जा रहा है, जिसमें तकनीकी दल द्वारा विकासखण्डों के सभी ग्राम पंचायतों में जाकर कृषि से संबंधित नवीन तकनीकी की जानकारी दी जा रही है। शनिवार को विकासखण्ड बड़वारा में ग्राम पंचायत कुठिया महगवां, बुजबुजा, तुरमी विकासखण्ड बहोरीबंद में ग्राम पंचायत कुआं, राखी, जुजावल विकासखण्ड ढीमरखेडा में ग्राम पंचायत घुघरी, कछारगांव, बम्हनी विकासखण्ड रीठी में ग्राम पंचायत-घुडहर, बडखेरा, घुघरा विकासखण्ड- विजयराघवगढ में ग्राम पंचायत मोहस, मुडेहरा, जुगिया में इस अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
खाद वितरण में पारदर्शिता के लिए ई-विकास प्रणाली लागू, किसान भाई अब घर बैठे बुक कर सकेंगे ई-टोकन
कटनी। किसानों की सुविधा के लिए उर्वरक वितरण ई-विकास प्रणाली लागू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को खाद (उर्वरक) प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना होगा और मोबाईल व कियोस्क सेंटर के माध्यम से वे अपना ई-टोकन प्राप्त कर सकेंगे। ई-विकास प्रणाली में ई-टोकन प्राप्त करने हेतु किसान ई-विकास प्रणाली पोर्टल etoken.mpkrishi.org पर अपने आधार नंबर और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीयन होते ही पोर्टल में स्वतः ही ‘AgriStack’ के माध्यम से किसान की भूमि की जानकारी प्रदर्शित हो जायेगी। कृषकों को प्रदर्शित भूमि की जानकारी के अनुसार खसरा अनुसार बोई गई फसलों की जानकारी स्वयं ही दर्ज करनी होगी। भूमि के रकबे एवं दर्ज की गई फसल की जानकारी के आधार पर पोर्टल स्वतः ही वैज्ञानिक अनुशंसा अनुसार उर्वरक की गणना कर किसान को आवश्यक कुल उर्वरक की मात्रा प्रदर्शित हो जायेगी। प्रदर्शित उर्वरक की मात्रा अनुसार किसान अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी खाद विक्रय केंद्र (जिला विपणन केन्द्र, मार्केटिंग सोसाइटी, सहकारी समितियों, एमपी एग्रो या निजी विक्रेता) का चयन कर डिजिटल ई-टोकन जनरेट कर सकेंगे। किसान यह भी चयन करेगेंगे कि वे सहकारी समिति के सदस्य है कि नहीं। यदि वे सहकारी समिति के सदस्य है तो वे सहकारी समितियों का विकल्प चयन कर ई-टोकन प्राप्त कर सकेगें। जबकि, सहकारी समिति के सदस्य न होने की दशा में नहीं का चयन कर अन्य नगद उर्वरक विक्रेताओं (जिला विपणन केन्द्र, मार्केटिंग सोसाइटी, एमपी एग्रो या निजी विक्रेता) का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर सकेगें। ई-टोकन जनरेट होने के बाद किसान को निर्धारित तिथि से 3 दिन (अवकाश दिवसों को छोड़कर) के भीतर खाद उठाना अनिवार्य है। 3 दिन उपरांत खाद न लेने पर ई-टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा एवं किसान पुनः ई-टोकन जनरेट कर खाद प्राप्त कर सकेगें। पात्रता अनुसार एक किसान एक माह में अधिकतम 50 बोरी उर्वरक प्राप्त कर सकता है। दोबारा खाद की आवश्यकता होने पर 30 दिन के अंतराल के बाद ही अगला टोकन बुक किया जा सकेगा। जिन किसानों (ट्रस्ट, पट्टा या सिकमी एवं अन्य) पंजीकरण करने के बाद भी भूमि की जानकारी का डेटा पोर्टल पर नहीं दिख रहा है, वे कृषक पोर्टल पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपनी खसरा अनुसार जानकारी दर्ज करेगें। इसका सत्यापन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) द्वारा किया जावेगा। तत्पश्चात कृषक अपना टोकन जनरेट कर सकेगें। उपसंचालक कृषि ने बताया कि ई-विकास प्रणाली से खाद की कालाबाजारी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त होगी। रीयल-टाइम डेटा के माध्यम से उर्वरक की मांग और आपूर्ति पर सटीक नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विदिशा, जबलपुर और नर्मदापुरम जैसे जिलों में इसके सकारात्मक परिणाम देखे गए हैं। जहाँ हजारों किसानों को बिना किसी असुविधा के खाद उपलब्ध कराई गई है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक किसान तक समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक पहुंचाना सुनिश्चित किया जायेगा।
जिला चिकित्सालय कटनी में मनाया गया कुष्ठ निवारण दिवस
कटनी। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर जिला चिकित्सालय कटनी में कुष्ठ निवारण दिवस मनाया गया। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान भारत सरकार द्वारा कुष्ठ रोग के उन्मूलन और समाज में इसके प्रति फैले भेदभाव को खत्म करने के लिए चलाया जाने वाला एक प्रमुख राष्ट्रव्यापी अभियान है। यह अभियान हर साल 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (एंटी-लेप्रोसी डे) के अवसर पर शुरू किया जाता है और 13 फरवरी तक तक चलता है। अभियान का शुभारंभ सर्वप्रथम महात्मा गाँधी की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा जारी अपील का वाचन कर कुष्ठ रोगियों का सम्मान करके किया गया। इस दौरान बताया गया कि महात्मा गाँधी के द्वारा कुष्ठ रोगियों की सेवा के माध्यम से यह संदेश समाज में देने का प्रयास है कि कुष्ठ रोग के प्रति समाज में जो भ्रम, भय, भ्रान्ति और भेदभाव व्याप्त है, यह निराधार है। कुष्ठ रोग एक साधारण बीमारी है, जो जीवाणु से होता है। कुष्ठ रोग खान-पान या छुआछूत से, पाप-श्राप से नहीं होता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० राज सिंह ठाकुर ने बताया कि इस रोग में चमड़ी के रंग से फीके हल्के बदरंग पीले या गुलाबी रंग के एक या अनेक दाग होते हैं। इन दागों में न दर्द होता है, न चुभन, न ठंडा लगता है न गरम ये दाग सूखे सुन्न हो जाते हैं। किसी-किसी की चमड़ी पर विशेषकर चेहरे पर व अन्य भागों पर तामिया, तेलिया, चमक, गाठे, मोटापन सा लगता है। किसी-किसी को हाथ पैरो में झुनझुनी और सुन्नपन, सूखापन, मोटापन सा लगता है। किसी-किसी को सतही तत्रिका में मोटापन, सूजन हो जाती है व टटोलने पर उसमे दर्द होता है, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। इसके निदान के लिये अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। जिले के शासकीय जिला अस्पताल में प्रतिदिन इस बीमारी की जाँच व उपचार निःशुल्क किया जाता है। ऊपर बताये गये एक भी लक्षण मिलने पर आप अपने पास के आशा कार्यकर्ता या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सीधे जिला चिकित्सालय में संपर्क कर अपनी जाँच करा सकते हैं। यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में है तो अपने निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व उपस्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करके अपनी जाँच करा सकते हैं। चूंकि इस रोग में प्रारंभिक अवस्था में कोई परेशानी नहीं होती इसलिए लोग अपनी जाँच कराने नहीं आते और अपनी बीमारी के बारे में अन्य लोगो को नहीं बताते, जिससे बीमारी बढती जाती है।सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर एवं जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. समीर सिंघई ने समाज के सभी लोगों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों एव प्राइवेट चिकित्सको से अपील की है कि कोई भी लक्षण मिलने पर उन रोगियों को जिला अस्पताल के कमरा नं. 62 में या अपने निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर भेजने हेतु प्रेरित करें और अपने जिले व प्रदेश को कुष्ठ मुक्त की दिशा में एक सराहनीय योगदान दें।
नगर निगम अमले द्वारा घर घर से जल नमूने संग्रहित कर पेयजल परीक्षण का कार्य निरंतर जारी, गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति सुनिश्चित करने चलाया जा रहा है वृहद अभियान
कटनी। नगर पालिक निगम कटनी द्वारा कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी एवं निगमायुक्त श्रीमती हरसिमरन प्रीत कौर के निर्देशानुसार हर एक दिन निगम की टीम द्वारा पेयजल आपूर्ति के दौरान वार्डो में पहुंचकर हर घर से पेयजल के सेंपल एकत्रित कर शुद्धता की जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे जा रहे है। पेयजल परीक्षण हेतु शनिवार को वार्डों से जल संग्रहण की कार्यवाही के दौरान निगम अमले द्वारा संत कंवरराम वार्ड रॉबर्ट लाइन, बाबा नारायण शाह वार्ड , विश्राम बाबा वार्ड न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तथा विवेकानंद वार्ड खेरमाई मंदिर के पीछे बस्ती सहित अन्य स्थलों से पेयजल का सैम्पल कलेक्ट कर शुद्धता की जॉच हेतु प्रयोगशाला भेजने की कार्यवाही की गई। शुद्ध। पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु निगम प्रशासन द्वारा अब तक 955 से अधिक जल सैंपलिंग का कार्य कराया जा चुका है। कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि आयुक्त श्रीमती कौर के निर्देशानुसार अमले द्वारा घर-घर जाकर पानी में क्लोरीन की मात्रा की जाँच करने के साथ और शहरवासियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। इस दौरान न केवल गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है बल्कि प्राप्त शिकायतों के निराकरण किया जा रहा है। निगम अमले द्वारा नियमित रूप से ओवरहेड टैंक और वॉल चैंबर की सफाई की जा रही जिससे शहरवासियों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके।कार्यपालन यंत्री श्री मिश्रा ने बताया कि निगम प्रशासन द्वारा नगर के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है। नगर में स्थापित पानी के स्त्रोतों की साफ-सफाई, ट्यूबवेलों के माध्यम से किए जाने वाले पेयजल वितरण के क्लोरीनेशन कार्य के साथ ही विभिन्न वार्डों से रोजाना एकत्रित किए जा रहे पानी की सैंपलिंग का कार्य निरंतर जारी है। इसके अतिरिक्त पेयजल के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायतों प्राप्त होने पर तत्परता से निराकरण कराकर पेयजल वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने नगर वासियों से आग्रह किया है पेयजल से संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या अथवा शिकायत होने पर निगम द्वारा जारी हेल्पलाइन नम्बर 9351136230 पर तत्काल अवगत कराये ताकि समस्या का तत्परता से समाधान किया जा सके।