नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विदाई और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद राजनीतिक हमले तेज हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल की लड़ाई असल में देश की लड़ाई थी, जिसमें आखिरकार देश को सफलता मिली है। bदिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेपी नड्डा और पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी शासनकाल के दौरान स्वास्थ्य योजनाओं को रोकने और कानून व्यवस्था को ठप करने का गंभीर आरोप लगाया।
होबे ना’ कहने वालों की शक्ल देखने लायक: जेपी नड्डा का ममता बनर्जी पर तीखा हमला; सीएम शुभेंदु बोले- टीएमसी को ‘टाटा-बाय बाय’ कह चुकी है जनता
“टीएमसी राज में दिनदहाड़े होती थीं हत्याएं, नहीं होती थी FIR”
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने टीएमसी सरकार के दौरान राज्य की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा:
“मैंने उस बंगाल को बहुत करीब से देखा है जहां कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। टीएमसी के शासन में दिनदहाड़े हत्याएं होती थीं और पुलिस एफआईआर (FIR) तक दर्ज नहीं करती थी। बंगाल घुसपैठियों का प्रवेश केंद्र बन चुका था, लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में आप सभी ने बंगाल को इस दंश से आजादी दिलाई है।”
आयुष्मान योजना और ‘पत्र फाड़ने’ के आरोप पर बरसे नड्डा
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने जानबूझकर केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंगाल की जनता तक नहीं पहुंचने दिया।
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पत्र फाड़ने का आरोप: नड्डा ने कहा, “2018 में हमने ममता बनर्जी को आयुष्मान भारत योजना लागू करने और SECC डेटा साझा करने के लिए पत्र लिखा था। उस वक्त पोस्ट ऑफिस से उन पत्रों को फाड़ दिया गया ताकि बंगाल की जनता को केंद्र की इस योजना के बारे में पता न चल सके।
होबे ना’ कहने वालों की शक्ल देखने लायक: जेपी नड्डा का ममता बनर्जी पर तीखा हमला; सीएम शुभेंदु बोले- टीएमसी को ‘टाटा-बाय बाय’ कह चुकी है जनता
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ममता पर ली चुटकी: दिल्ली पहुंचीं ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए नड्डा ने कहा, “ममता बनर्जी हमेशा कहती थीं कि ‘होबे ना, होबे ना’ (नहीं होगा, नहीं होगा), और हमने कहा था ‘होबे, होबे’ (होकर रहेगा)। आज ‘होबे ना’ कहने वालों की क्या स्थिति है, उनकी शक्ल देखने लायक है।”
“विकास की सरकार से जुड़ने का लाभ”: बंगाल को मिली एनएचएम की पहली किस्त
केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही विकास कार्यों में तेजी आ गई है:
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राज्य में सरकार बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की पहली किस्त के रूप में ₹5,027 करोड़ बंगाल को जारी कर दिए हैं, जबकि ₹3,000 करोड़ और दिए जाएंगे।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत बंगाल को अब तक ₹1.82 लाख करोड़ मिल चुके हैं। इससे राज्य के लाखों प्रवासी श्रमिकों, 15.9 लाख वरिष्ठ नागरिकों और 37 लाख आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, लड़कियों को 33,778 HPV वैक्सीन भी लगाई जा चुकी हैं।
“पुरानी सरकार को ‘मंदिर’ शब्द से दिक्कत थी” — सीएम शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने संत समाज और रामकृष्ण मिशन को धन्यवाद देते हुए टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
“ओडिशा और दिल्ली की तरह बंगाल की जनता ने भी पुरानी सरकार को टाटा-बाय बाय कह दिया है। टीएमसी सरकार को ‘आयुष्मान भारत’ के ‘मंदिर’ (पीएम-जय) शब्द से दिक्कत थी, इसलिए उन्होंने इसे लागू नहीं किया। उन्होंने लड़कियों के लिए जरूरी HPV वैक्सीन को भी रोक कर रखा था।”
अस्पतालों का कायाकल्प और जन औषधि केंद्र: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार गठन के एक महीने के भीतर ही स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। जल्द ही पूरे बंगाल में जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे और सभी अस्पतालों को सूचीबद्ध (Empanel) किया जाएगा ताकि जनता को मुफ़्त और सस्ता इलाज मिल सके। उन्होंने केंद्र सरकार से टीएमसी शासनकाल के दौरान रोकी गई पुरानी बकाया राशि को भी जारी करने का अनुरोध किया
