Jaipur Factory Blast: जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 की दर्दनाक मौत; 5 जिंदगी और मौत के बीच झुलस रहे, मलबे में तलाश जारी
Jaipur Factory Blast: जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 की दर्दनाक मौत; 5 जिंदगी और मौत के बीच झुलस रहे, मलबे में तलाश जारी
Jaipur Factory Blast: जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 की दर्दनाक मौत; 5 जिंदगी और मौत के बीच झुलस रहे, मलबे में तलाश जारी
जयपुर : राजधानी जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को एक भयानक हादसा हो गया। यहाँ एक घर के भीतर अवैध रूप से संचालित की जा रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई, जिसके बाद एक के बाद एक कई जोरदार धमाके (विस्फोट) हुए। इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कम तीन लोगों की जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना तेज था कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
मकान के अंदर बारूद का खेल, मलबे में तब्दील हुआ आशियाना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खो नागोरियान के एक रिहायशी मकान के अंदर ही बड़े पैमाने पर पटाखा बनाने का काम चल रहा था। दोपहर के वक्त अचानक बारूद ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते धमाकों की गूंज से आसपास की धरती हिल गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ, सिविल डिफेंस की टीमें, स्थानीय पुलिस और आला प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
कलेक्टर ने की 3 मौतों की पुष्टि, घायल ‘मरणासन्न’ स्थिति में
जयपुर के जिला कलेक्टर संदेश नायक ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए तीन लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। Jaipur Factory Blast: जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 की दर्दनाक मौत; 5 जिंदगी और मौत के बीच झुलस रहे, मलबे में तलाश जारी
अस्पताल में मची चीख-पुकार: हादसे में घायल पांच लोगों को तुरंत जयपुरिया अस्पताल और सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल भेजा गया।
70% तक झुलसे लोग: गंभीर रूप से झुलसे तीन मरीजों को एसएमएस अस्पताल के स्पेशल बर्न वार्ड में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, ये सभी 50 से 70 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और उनकी हालत अत्यंत नाजुक (मरणासन्न) बनी हुई है।
बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा, जांच के आदेश
मौके पर एडीएम (ADM), सिविल डिफेंस और रेस्क्यू टीमें मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं। मलबे के नीचे और भी लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने घने आवासीय क्षेत्र (Residential Area) में धड़ल्ले से पटाखा फैक्ट्री कैसे चलाई जा रही थी? क्या इसके पास कोई वैध लाइसेंस था या यह स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा मौत का अवैध कारोबार था?