भोपाल : मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत हुई डॉक्टरों की सरकारी भर्ती में एक ऐसा खेल सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे की नींद उड़ा दी है। एनएचएम द्वारा डॉक्टरों की भर्ती के लिए की गई जांच में 81 में से 9 अभ्यर्थियों के दस्तावेज (Documents) पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक जांच के बाद एनएचएम ने तुरंत पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज करवा दी है। अब सबसे बड़ा डर यह सता रहा है कि इन फर्जी डॉक्टरों ने न जाने कितने मरीजों की जान को जोखिम में डाला होगा।
MP NHM Doctor Recruitment Scam: MP में डॉक्टर भर्ती में महा-फर्जीवाड़ा,9 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, दूसरे के रजिस्ट्रेशन नंबर पर करने वाले थे मरीजों का इलाज; देखें पूरी लिस्ट
दमोह में ऐसे खुला फर्जीवाड़े का ‘पांडोरा बॉक्स’
एनएचएम ने डॉक्टरों के कुल 81 पदों पर भर्ती निकाली थी। इसके लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज मंगवाए गए थे, जिसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू के जरिए इनका चयन हुआ था। चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालयों को भेजी गई थी।
इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ, जब दमोह जिले में नियुक्ति के लिए पहुंचे एक अभ्यर्थी के दस्तावेजों की स्क्रूटनी की गई। जांच में पता चला कि उसने जो मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन नंबर दिया था, वह किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड था! जब उसकी मार्कशीट और बाकी कागजात खंगाले गए, तो वे भी फर्जी निकले। दमोह CMHO ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और NHM ने आनन-फानन में सभी 81 चयनित डॉक्टरों के दस्तावेजों की दोबारा बारीकी से री-चेकिंग कराई, जिसमें 9 लोग फर्जी डॉक्टर निकले।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बनने वाले 9 आरोपियों की सूची:
जांच में जिन 9 अभ्यर्थियों के दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं और जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनकी सूची इस प्रकार है:
| क्र. | अभ्यर्थी का नाम | आवंटित जिला/स्थान |
| 1. | आकाश चंदेल | शिवपुरी |
| 2. | मोहर सिंह | शिवपुरी |
| 3. | कमल किशोर | बुरहानपुर |
| 4. | मोनिका सोनी | बैतूल |
| 5. | अरुण कुमार | खंडवा |
| 6. | शांति साहू | छिंदवाड़ा |
| 7. | सोनम यादव | फंदा, भोपाल |
| 8. | बुधमान जोशी | भिंड |
| 9. | पवन सोलंकी | सिंगरौली |
अब इलाज कराने वाले मरीजों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
इस खुलासे के बाद अब जांच एजेंसियां और पुलिस प्रशासन तीन बड़े और संवेदनशील पहलुओं पर जांच कर रहे हैं:
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असली योग्यता क्या है: इन फर्जी डॉक्टरों की वास्तविक शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) क्या है और इन्होंने यह फर्जी डिग्रियां और दस्तावेज किस रैकेट से तैयार करवाए?
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मरीजों की जान से खिलवाड़: ये लोग कब से स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय थे, इन्होंने अब तक कितने मरीजों का इलाज किया है और क्या इनके गलत इलाज से किसी मरीज को कोई गंभीर नुकसान या जान का खतरा तो नहीं पहुंचा?
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पुराना कनेक्शन: क्या इस रैकेट के जरिए पहले भी ऐसे फर्जी लोग मध्य प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टर बनकर घुस चुके हैं? MP NHM Doctor Recruitment Scam: MP में डॉक्टर भर्ती में महा-फर्जीवाड़ा,9 फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, दूसरे के रजिस्ट्रेशन नंबर पर करने वाले थे मरीजों का इलाज; देखें पूरी लिस्ट
सिस्टम पर बड़ा सवाल!
इस पूरे मामले ने एनएचएम की शुरुआती स्क्रीनिंग और ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर दमोह के सीएमएचओ कार्यालय में सजगता से दस्तावेजों की जांच नहीं होती, तो ये सभी 9 मुन्नाभाई प्रदेश के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर बनकर बैठ जाते और रोजाना सैकड़ों गरीब मरीजों की जिंदगी से सरेआम खिलवाड़ कर रहे होते। फिलहाल एनएचएम का कहना है कि मामले की तह तक जाकर दोषियों पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
