नेपाल में कुदरत का कहर: रसुवा में तिब्बत से आई बाढ़ से भारी तबाही, 105 भारतीयों समेत 384 यात्री लापता

नेपाल में कुदरत का कहर: रसुवा में तिब्बत से आई बाढ़ से भारी तबाही, 105 भारतीयों समेत 384 यात्री लापता

काठमांडू / रसुवा (Yashbharat.com)। तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड (Flash Flood) ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि भारी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज़्म बोर्ड के अनुसार, कुल 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 105 भारतीय पर्यटक और 291 अन्य विदेशी नागरिक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लापता लोगों में एक बड़ा जत्था कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं का भी है।

384 यात्री लापता, पर्यटकों में मचा हड़कंप

नेपाल टूरिज़्म बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस और स्थानीय ट्रैवल एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक:

ट्रैवल एजेंसियों और लोकल अधिकारियों के साथ मिलकर लापता आंकड़ों की पुष्टि और संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है।

तबाही का मंजर: पुल, घर और पुलिस चौकियां बही

बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे रसुवा की भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ गया। बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि:

PM बालेंद्र शाह की आपात बैठक, सेना तैनात

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपातकालीन बैठक बुलाई। प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल पुलिस को मोर्चे पर तैनात कर दिया गया है।

नेपाल सेना ने घायलों को निकालने के लिए MI-17 हेलीकॉप्टर और आपातकालीन मेडिकल रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। कई प्रमुख राजमार्गों को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है।

नेपाल सरकार द्वारा जारी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर

फंसे हुए यात्रियों के परिजनों और मदद के लिए नेपाल सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:

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