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भाई को राखी बांधने से पहले भगवान गणेश को क्यों अर्पित करते हैं रक्षा सूत्र? जानें धार्मिक महत्व व शुभ मुहूर्त

22 08 2020 ganesh pujan 20652599

भाई को राखी बांधने से पहले भगवान गणेश को क्यों अर्पित करते हैं रक्षा सूत्र? जानें धार्मिक महत्व व शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। हालांकि, सनातन परंपरा में भाई की कलाई पर राखी सजाने से पूर्व प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को राखी अर्पित करने का विशेष विधान है।

भगवान गणेश को सबसे पहले क्यों बांधते हैं राखी?

शास्त्रों में भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ और ‘प्रथम पूज्य’ माना गया है। किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य की निर्विघ्न समाप्ति के लिए सबसे पहले गणेश जी का पूजन किया जाता है।

(ध्यान दें: भगवान गणेश को राखी बांधना एक धार्मिक आस्था व परंपरा है; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की अपनी मान्यता के अनुसार सीधे भाई को भी राखी बांधी जाती है।)

रक्षाबंधन 2026: तिथि एवं शुभ मुहूर्त

विवरण समय व तिथि
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ 27 अगस्त 2026, सुबह 09:08 बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त 28 अगस्त 2026, सुबह 09:48 बजे तक
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)

 

सुबह 05:57 बजे से 09:48 बजे तक

रक्षाबंधन पूजन की सही विधि

  1. देव पूजन: सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें। गणेश जी के सामने दीपक जलाएं, उन्हें रोली-अक्षत लगाएं, मोदक या मिठाई का भोग लगाएं और रक्षा सूत्र अर्पित करें।

  2. भाई का तिलक: इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। भाई के माथे पर रोली और अक्षत (चावल) का तिलक लगाएं।

  3. आरती व राखी: भाई की आरती उतारें, उनकी दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें और मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं।

  4. उपहार व आशीर्वाद: भाई अपनी बहन को यथाशक्ति उपहार देकर सदैव उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।

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