बड़े हादसों के बाद जागा प्रशासन: 25 बहुमंजिला इमारतों की जांच; हमीदिया अस्पताल के पास नहीं है ‘फायर NOC’
बड़े हादसों के बाद जागा प्रशासन: 25 बहुमंजिला इमारतों की जांच; हमीदिया अस्पताल के पास नहीं है 'फायर NOC'
बड़े हादसों के बाद जागा प्रशासन: 25 बहुमंजिला इमारतों की जांच; हमीदिया अस्पताल के पास नहीं है 'फायर NOC'
बड़े हादसों के बाद जागा प्रशासन: 25 बहुमंजिला इमारतों की जांच; हमीदिया अस्पताल के पास नहीं है ‘फायर NOC’
विशेष संवाददाता: दिल्ली के एक होटल और लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांडों के बाद आखिरकार प्रशासन और नगर निगम की नींद टूट गई है। शहर की बहुमंजिला इमारतों, अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं (Fire Safety Measures) की धरातल पर जांच शुरू कर दी गई है।
इस अभियान के पहले ही चरण में 25 हाईराइज (बहुमंजिला) इमारतों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें सुरक्षा को लेकर कई चौंकाने वाली और गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।
पारस अपार्टमेंट की फायर NOC होगी निरस्त
जांच के दौरान जिन इमारतों में लापरवाही पाई गई है, उनके खिलाफ प्रशासन ने सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है:
मानकों की अनदेखी: अग्नि सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन करने पर पारस अपार्टमेंट की फायर एनओसी (NOC) को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीधे कार्रवाई: प्रशासन का साफ संदेश है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाली किसी भी व्यावसायिक या आवासीय इमारत को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल ‘हमीदिया’ भी असुरक्षित!
निरीक्षण के दौरान सबसे हैरान करने वाला और गंभीर खुलासा प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल को लेकर हुआ है:
बिना एनओसी के संचालन: जांच में सामने आया कि इतने बड़े चिकित्सा संस्थान के पास वर्तमान में कोई वैध (Valid) फायर एनओसी नहीं है।
उपकरणों की भारी कमी: अस्पताल परिसर के भीतर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जरूरी अग्निशमन उपकरणों की भी भारी कमी पाई गई है।
नोटिस की तैयारी: हजारों मरीजों की जान जोखिम में होने की इस संवेदनशील बात को देखते हुए प्रशासन अब अस्पताल प्रबंधन को जल्द ही एक कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
आगे क्या?
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान अभी थमेगा नहीं। आने वाले दिनों में शहर के सभी कोचिंग सेंटरों, मॉल्स और सिनेमाघरों की भी सघन चेकिंग की जाएगी। जिन संस्थानों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम या इमरजेंसी एग्जिट (निकास द्वार) सही हालत में नहीं मिलेंगे, उन्हें तुरंत सील करने की कार्रवाई की जा सकती है।