ईरान में हालात सुधरे, फिर भी ‘अलर्ट’ पर भारत सरकार: दूतावास ने जारी की संशोधित ट्रैवल एडवाइजरी; हेल्पलाइन नंबर जारी
ग्लोबल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को खत्म करने और खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में स्थायी शांति बहाल करने की दिशा में कूटनीतिक प्रयास रंग ला रहे हैं। दोनों देशों के बीच शांति समझौता होने के बाद फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। ईरान में सुरक्षा हालातों में आए इस हालिया सुधार के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एक संशोधित ट्रैवल एडवाइजरी (Revised Travel Advisory) जारी की है।
दूतावास ने माना है कि स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक ईरान की सभी गैर-जरूरी यात्राओं (Non-essential Travel) से बचने की सलाह दी गई है।
दूतावास ने कहा- “हालात बेहतर, लेकिन सावधानी जरूरी”
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह ईरान के सुरक्षा हालातों पर लगातार और बारीकी से नजर बनाए हुए है।
-
गैर-जरूरी यात्रा से बचें: दूतावास के मुताबिक, “सुरक्षा व्यवस्था में हालिया सुधारों के बावजूद, भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा करने से परहेज करें।”
-
सतर्कता और पंजीकरण: ईरान में पहले से रह रहे भारतीयों और किसी अनिवार्य कारण से वहां जाने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। साथ ही, सभी प्रवासियों से जल्द से जल्द दूतावास में अपना रजिस्ट्रेशन (Registration) कराने की अपील की गई है। स्वीकृत छुट्टी पर भी पोर्टल दिखाता था ‘गायब’… अब महिला शिक्षकों के हक में आया शिक्षा विभाग का ये नया नियम
आपातकालीन मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए दूतावास ने 4 हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की है:
-
हेल्पलाइन नंबर:
-
+989128109115 -
+989128109109 -
+989128109102 -
+989932179359
-
-
आधिकारिक ईमेल:
cons.tehran@mea.gov.in
अमेरिका-ईरान वार्ता और अनसुलझे पेंच
भारत की यह एडवाइजरी अमेरिका और ईरान के बीच टकराव खत्म करने के मकसद से हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत तकनीकी बातचीत का पहला दौर खत्म होने के बाद आई है।
-
60 दिनों का रोडमैप: दोनों देश एक हाई-लेवल कमेटी बनाने और अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते के लिए रोडमैप तैयार करने पर सहमत हो गए हैं।
-
ये मुद्दे अब भी बाकी: कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज होने के बावजूद कुछ बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय वेरिफिकेशन सिस्टम, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) का भविष्य का प्रशासनिक ढांचा और ईरान की फ्रीज (जब्त) की गई वित्तीय संपत्ति को जारी करना शामिल है। यही कारण है कि बदलते हालातों में भी भारत सरकार एहतियात बरतने की नीति पर टिकी हुई है।
