“स्कूल चलें हम” अभियान: 25 जून को ‘टीचर’ बनेंगे कटनी के बड़े अफसर, कलेक्टर-एसपी क्लास में जाकर बच्चों को करेंगे प्रेरित
कटनी: कटनी जिले में “स्कूल चलें हम” अभियान के अंतर्गत ‘शाला प्रारंभ उत्सव’ का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जिसके तहत जिले की सभी शासकीय शालाएं फिर से खुल गई हैं। राज्य शासन के निर्देशानुसार, आगामी 25 जून को कटनी के सभी सरकारी स्कूलों में एक विशेष और अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जिले के विभिन्न विभागों के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के आला अधिकारी स्कूलों में “प्रेरक” (Mentors) बनकर पहुंचेंगे और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने इसके लिए सभी बड़े अधिकारियों की स्कूलवार ड्यूटी भी तय कर दी है हॉस्टलों में सीसीटीवी और चौकीदार अनिवार्य- जिला पंचायत सीईओ ने अधीक्षकों को दिए पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश
जानिए कौन से बड़े अधिकारी किस स्कूल में संभालेंगे कमान:
आदेश के मुताबिक, जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इन स्कूलों में बच्चों के बीच जाकर संवाद (Interaction) करेंगे:
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कलेक्टर श्री आशीष तिवारी: शासकीय माध्यमिक शाला रॉबर्ट लाइन, माधवनगर।
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पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अभिनव विश्वकर्मा: शासकीय पीएम श्री उच्च माध्यमिक विद्यालय, कैलवाराकला।
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जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर: शासकीय माध्यमिक शाला, बरगवां।
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नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार: शासकीय ई.पी.ई.एस. खिरहनी।
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अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा: शासकीय माध्यमिक शाला, झिंझरी।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) श्री कमल मौर्य: शासकीय हाई स्कूल, चाका।
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संयुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुमार पटेल: शासकीय माध्यमिक शाला, लखापतेरी।
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एसडीएम श्री प्रमोद चतुर्वेदी: शासकीय माध्यमिक शाला, कन्हवारा।
एक कालखंड (Period) तक बच्चों को सिखाएंगे जीवन के सबक
ड्यूटी पर तैनात किए गए सभी अधिकारी स्कूल में कम से कम एक पीरियड (कालखंड) के दौरान बच्चों की क्लास लेंगे। इस दौरान वे छात्र-छात्राओं से सीधे रूबरू होंगे, उनसे बातचीत करेंगे और उन्हें जीवन में शिक्षा के वास्तविक महत्व को समझाते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
ट्रांसफर होने पर प्रभारी अधिकारी संभालेंगे कमान
प्रशासनिक आदेश में यह भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि सूची में शामिल किसी अधिकारी का जिला स्तर से स्थानांतरण (Transfer) हो चुका है, तो उनकी जगह पर संबंधित विभाग के वर्तमान प्रभारी अधिकारी ही आवंटित स्कूल में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और इस प्रेरक कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।
प्रशासन की इस पहल से न केवल बच्चों का हौसला बढ़ेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
