कटनी में शुरू हुई विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल की प्रांत बैठक, तीन दिवसीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा,34 जिलों के कार्यकर्ताओं सहित राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने दर्ज कराई उपस्थिति
कटनी में शुरू हुई विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल की प्रांत बैठक, तीन दिवसीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा,34 जिलों के कार्यकर्ताओं सहित राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने दर्ज कराई उपस्थिति
कटनी(YASHBHARAT.COM)। “राम काज किन्हें बिना मोहि कहाँ विश्राम” के भाव के साथ सेवा, सुरक्षा और संस्कार के दायित्वों का निर्वहन करने वाले विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की तीन दिवसीय प्रांत बैठक का कटनी में आगाज हो गया है। शहर स्थित दिव्यांचल मैरिज गार्डन में 7 अगस्त से प्रारंभ हुई इस बैठक में महाकौशल प्रांत के 34 जिलों से पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए हैं।
बैठक के प्रथम दिन प्रांत की प्रस्तावना एवं संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद शनिवार को प्रांत बैठक के विभिन्न सत्रों का क्रम प्रारंभ हुआ। बैठक में राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
छह माह की कार्ययोजना और संगठन विस्तार पर मंथन
प्रांत सह संयोजक राहुल दुबे ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की प्रांत बैठक प्रत्येक छह माह में अलग-अलग जिलों में आयोजित की जाती है। इस वर्ष प्रांत पदाधिकारियों द्वारा बैठक के लिए कटनी जिले का चयन किया गया, जिसके बाद 7 अगस्त से तीन दिवसीय बैठक का आयोजन शुरू हुआ।
उन्होंने बताया कि बैठक में कुल छह सत्रों के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी छह माह की कार्ययोजना, संगठन के विस्तार तथा विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। बैठक का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ आगामी गतिविधियों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना है।
34 जिलों के पदाधिकारियों की सहभागिता
प्रांत बैठक में महाकौशल प्रांत के 34 जिलों से पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पहुंचे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने बैठक को महत्वपूर्ण बना दिया है। कटनी जिले के समस्त पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक का आज अंतिम दिन है। अंतिम सत्र के साथ बैठक का समापन दोपहर करीब 2 बजे होगा। समापन सत्र में आगामी छह माह के लिए संगठन की कार्ययोजना एवं विभिन्न दायित्वों को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।