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मनुष्य का मन वही लगता है,जहाँ महत्व होता है,बालाजी नगर में व्यासपीठ 1008 श्री राजगुरु स्वामी बदरीप्रपन्नाचार्य जी महाराज की अमृतमयी वाणी श्रवण करने उमडी श्रद्धालुओं की भीड

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मनुष्य का मन वही लगता है,जहाँ महत्व होता है,बालाजी नगर में व्यासपीठ 1008 श्री राजगुरु स्वामी बदरीप्रपन्नाचार्य जी महाराज की अमृतमयी वाणी श्रवण करने उमडी श्रद्धालुओं की भी

कटनी।भगवान भोलेनाथ की विशेष आराधना के पवित्र सावन मास में भाजपा युवा नेता नीरज दुबे के निवास पर नदीपार पार स्थित बालाजी नगर पुरवार स्कूल के सामने विशाल पंडाल में वैकुण्ठवासी स्व भगवान दास दुबे की वार्षिक स्मृति में 7दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के धार्मिक आयोजन के द्बितीय दिवस कथा व्यासपीठ 1008 श्री राजगुरु स्वामी बदरीप्रपन्नाचार्य जी महाराज की अमृतमयी वाणी श्रवण करने बडी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड उमडी।
महाराज जी ने आज श्रीमद्भागवत कथा में परीक्षित जन्म, कपिलोपाख्यान और ध्रुव चरित्र का विस्तार से वर्णन किया।कथा सायं 4 बजे से प्रारंभ हुई।कथा में मुख्य यजमान श्रीमती पूनाबाई दुबे रही।
महाराज जी ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के महात्म पर कहा कि कथा को किस भाव से श्रवण किया जा रहा है,जिस भाव से जितनी तन्मयता से कथा सुनी जायेगी उसका फल भी उसी अनुसार मिलता है कथा में धुंधकारी को कथा सुनने पर भगवान ने उसे विमान भेजा था।
महाराज जी ने आगे बताया कि मनुष्य का मन वही लगता है जहाँ महत्व होता है जिस दिन भगवान को अपना समझकर कथा सुनी जायेगी,मन भी लगेगा और आत्मानुभूति होगी।
महाराज जी ने कहा जब नारद जी बद्रीनाथ पहुंचे तो वहां संतो को विनम्र प्रणाम किया तो संतों ने उनको झुककर अभिवादन किया,संत परंपरा में वैष्णो सिद्धांत के आचरण में है,संत प्रणाम करते है तो झुककर स्वीकार करना चाहिये अहंकार और अकड में भगवान बीच में आकर उसे स्वीकार करते है।
महाराज जी ने कहा तीन चीजे जीवन में कठिन होती है,मनुष्यदेह मोक्ष की इच्छा एवं महापुरुषों की कृपा लोगों को सौभाग्य से नसीब होती है।कथा प्रसंग में महाराज जी ने कहा कलयुग में बहुत दोष है अवगुण हे लेकिन एक गुण अच्छा है,कलयुग में मात्र भगवान का नाम लेने से मनुष्य का उद्धार हो जाता है।कथाव्यास ने सावन माह में मंत्रों के विधि विधान पर बताया कि मंत्र का विधान के साथ जाप करना चाहिए नहीं तो मंत्र कल्याण भी करते है और विनाश भी करते है।उन्होंने बताया महिलाओं को ऊं नम:शिवाय का जाप नही करना चाहिये बल्कि शिवाय नम:का जाप करना चाहिए।

9अगस्त को प्रहलाद चरित्र भरत प्रसंग

श्रीमद भागवत कथा में 9 अगस्त रविवार को जड़भरत प्रसंग एवं प्रहलाद चरित्र10 अगस्त दिन सोमवार वामन अवतार, रामचरित्र एवं कृष्ण जन्मोत्सव 11 अगस्त दिन मंगलवार श्री कृष्ण बाल लीलायें, गोवर्धन उत्सव12 अगस्त दिन बुधवार कंश वध, श्री कृष्ण रुकमणी विवाह महोत्सव 13 अगस्त दिन गुरुवार सुदामा चरित्र, व्यास पूजन कथा विश्राम, हवन आहुति के साथ कथा का समापन होगा।14 अगस्त दिन शुक्रवार कन्या भोजन प्रातः 10 बजे से दोपहर 11.30 तक व ब्राह्मण भोजन व दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।युवा भाजपा नेता नीरज दुबे एवं
पं. राजेश दुबे, पं. रमेश दुबे पं. अनिल दुबे (पप्पू), पं. नीरज दुबे श्रीमति उमा अशोक चौथे श्रीमति उषा बाजपेयी श्रीमति सकुन्तला विजय त्रिपाठी श्रीमति खेहलता खम्परिया श्रीमति अर्चना उमेश शुक्ला श्रीमति रतन कुमारी मिश्रा श्रीमति बेबी रामसरोवर दुबे राजेश दुबे श्रीमति मिथलेश रमेश दुबे श्रीमति कविता अनिल दुबे श्रीमति संध्या नीरज दुबे श्रीमति रेशु नितिन दुबे श्रीमति सीमा बीरु चौबे श्रीमति योग्यता अभय बाजपेयी श्रीमति शिवानी आशु शुक्ला ओम त्रिपाठी, अन्विता, प्रज्ञा, मुनमुन, अनाया, सौमान्त, सात्थिक वेद, समस्त दुबे परिवार ने नगर के समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से श्रीमदभागवत कथा श्रवण कर पुण्यलाभ अर्जित करने की अपील की है।

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