भोपाल। हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत बनाए जाने वाले आवास सिर्फ महिलाओं के नाम पर ही आंवटित किए जाएंगे। यह निर्णय नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लिया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि पुरुष इन मकानों का दुरुउपयोग न कर सकें।
विभाग के अधिकारियों को कहना है कि आम तौर पर पुरुष विषम परिस्थिति या अन्य बुरी आदतों के कारण मकान गिरवी रखने या बेचने जैसा कदम उठा लेता है। वहीं महिला के नाम पर आवास होने से बिना उसकी सहमति के यह संभव नहीं हो सकेगा। यदि जबरन मकान के हस्तांतरण की नौबत आती है तो महिला कानून का सहारा लेकर घर को बचा सकेगी।
महिलाओं के नाम पर आवास आवंटित करने को लेकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही योजना के पात्र हितग्राहियों के लिए आधार कार्ड भी अनिवार्य किया गया है। इससे नगरीय निकायों को परिवार का पूरा ब्यौरा मिल जाएगा।
वहीं नगरीय निकायों में मौजूद डाटा और जानकारी भी विभाग को मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा योजना में लाभ पाने वाले व्यक्ति की पत्नी या मां के आधार कार्ड की जानकारी संबंधित नगरीय निकाय में देनी होगी। इसके बाद उस परिवार की महिला के नाम पर मकान आवंटित किया जाएगा।
प्रदेश में बनने हैं 5 लाख 11 हजार आवास
हाउसिंग फॉर ऑल के तहत प्रदेश में 5 लाख 11 हजार आवास बनाए जाने हैं। इन्हें दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 2 लाख 11 हजार आवास का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
यह फायदे होंगे
-महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
– धांधली पर रोक लगेगी।
– अपात्रों की भी पहचान हो सकेगी।
– राशि का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा।
– आवास के हस्तांतरण का अधिकार महिला के पास होगा।
– फर्जी दस्तावेज भी पकड़ में आएंगे।
– दोबारा सर्वे की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रक्रिया जल्द पूरी कर लेंगे
हाउसिंग फॉर ऑल में महिलाओं को आवास का आंवटन किया जाएगा। कुछ निकायों ने संबंधित महिलाओं के आधार कार्ड भिजवा दिए हैं। कुछ के आना बाकी हैं। जल्द ही हम इस प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे। पूरे प्रदेश में दिसंबर 2018 तक आवासों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
