रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अफसरों की मेहरबानी: बिना अनुबंध ₹10 हजार में बांटी बेशकीमती कैंटीन, संदेह के घेरे में आए अधिकारी
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अफसरों की मेहरबानी: बिना अनुबंध ₹10 हजार में बांटी बेशकीमती कैंटीन, संदेह के घेरे में आए अधिकारी
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अफसरों की मेहरबानी: बिना अनुबंध ₹10 हजार में बांटी बेशकीमती कैंटीन, संदेह के घेरे में आए अधिकारी
जबलपुर (Yashbharat.com)। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) की कैंटीन संचालन को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फर्जीवाड़ा और विवाद सामने आया है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित लगभग 4,000 वर्गफीट की विशाल और बेशकीमती कैंटीन का कार्यादेश नियमों को दरकिनार कर बिना किसी विधिवत अनुबंध (Contract) के जारी कर दिया गया।
यह गंभीर मामला संज्ञान में आते ही कुलगुरु (वीसी) प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दे दिए हैं। अब निविदा (Tender) प्रक्रिया से लेकर कार्यादेश जारी करने तक की पूरी फाइल की गहन पड़ताल की जाएगी।
महिला समूह के हटते ही मेहरबान हुए अफसर
विश्वविद्यालय परिसर की करीब 4,000 वर्गफीट में फैली कैंटीन का संचालन पिछले वर्ष तक एक स्थानीय महिला समूह द्वारा सुचारू रूप से किया जा रहा था। किसी कारणवश जब समूह ने संचालन बंद किया, तो विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध हो गई।
आरोप है कि अफसरों ने अंदरूनी मिलीभगत कर अपने एक चहेते व्यक्ति को आनन-फानन में महज ₹10,000 प्रतिमाह की नाममात्र दर पर कैंटीन संचालन का कार्यादेश थमा दिया, जिससे विश्वविद्यालय को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अफसरों की मेहरबानी: बिना अनुबंध ₹10 हजार में बांटी बेशकीमती कैंटीन, संदेह के घेरे में आए अधिकारी