बालक के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी को तिहरे आजीवन कारावास की सजा,अभियुक्त राहुल उर्फ भूर्ति को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में रखने का आदेश, माता-पिता को 4 लाख रुपए प्रतिकर

बालक के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी को तिहरे आजीवन कारावास की सजा,अभियुक्त राहुल उर्फ भूर्ति को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में रखने का आदेश, माता-पिता को 4 लाख रुपए प्रतिक

कटनी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कटनी की अदालत ने बालक के अपहरण, उसके साथ प्रवेशन लैंगिक हमला और हत्या के मामले में आरोपी राहुल उर्फ भूर्ति को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को तिहरे आजीवन कारावास से दंडित किया है। इसमें एक आजीवन कारावास आरोपी के शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही कुल 16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

थाना माधवनगर के अपराध क्रमांक 10/2024 से संबंधित इस जघन्य एवं सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने धारा 363 भादंसं में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 377 में आजीवन कारावास व 5 हजार रुपए अर्थदंड, पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एम) सहपठित धारा 6 में शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास व 5 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 302 में आजीवन कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 201 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 2 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

यह था मामला

अभियोजन के अनुसार 4 जनवरी 2024 को पीड़ित बालक सुबह करीब 10 बजे खाना खाने के बाद खेलने के लिए घर से निकला था। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की और निवार चौकी में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान गांव के दो युवकों से पूछताछ में पता चला कि राहुल कोरी बालक को मोटरसाइकिल से खेत की ओर ले गया था।

इसके बाद बालक की तलाश शुरू की गई। 6 जनवरी को नदी किनारे खेत में झाड़ियों के नीचे ताजा मिट्टी दिखाई दी। मिट्टी हटाने पर बालक का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव का उत्खनन कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। विवेचना में आरोपी के विरुद्ध बालक के साथ लैंगिक हमला कर उसकी हत्या करने और शव को गड्ढा खोदकर दफनाने के साक्ष्य सामने आए।

विचारण के दौरान अभियोजन ने 32 साक्षियों के बयान और 62 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। मामले में डीएनए संबंधी वैज्ञानिक रिपोर्ट को भी साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। उपलब्ध मौखिक, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।

अभियोजन का संचालन विशेष लोक अभियोजक सह अभियोजन अधिकारी आशुतोष द्विवेदी एवं हरिकृष्ण त्रिपाठी ने किया। मीडिया सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार गर्ग ने प्रकरण की जानकारी दी।

न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित बालक के माता-पिता को 4 लाख रुपए प्रतिकर दिलाए जाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी आदेशित किया है।

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