शासकीय महाविद्यालय विजयराघवगढ़ में कृषि प्रशिक्षण: विद्यार्थियों को दी गई बाजरा की उन्नत खेती, जैविक कृषि और विपणन की जानकारी

शासकीय महाविद्यालय विजयराघवगढ़ में कृषि प्रशिक्षण: विद्यार्थियों को दी गई बाजरा की उन्नत खेती, जैविक कृषि और विपणन की जानकारी

कटनी: कटनी जिले के शासकीय महाविद्यालय विजयराघवगढ़ में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से जैविक कृषि का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन और जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं को श्री अन्न (मोटे अनाज) की खेती, उनकी उन्नत तकनीकों और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कम लागत और कम पानी में बेहतरीन उत्पादन: श्री अन्न का महत्व

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ रामसुख दुबे ने विद्यार्थियों को ज्वार, बाजरा, मक्का के साथ-साथ लघु धान्य फसलों जैसे कोदो, कुटकी, रागी और कंगनी के फायदों से अवगत कराया:

बाजरा उत्पादन की उन्नत तकनीक पर विशेष जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से बाजरा की उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई:

विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किस तरह वे जैविक कृषि और श्री अन्न के विपणन (Marketing) को अपनाकर स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

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