अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के अंतर्गत डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन
अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 के अंतर्गत डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता का आयोज
कटनी। शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में आज दिनांक 05 अक्टूबर 2026 को प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में “अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026 – शिक्षा में विकसित भारत” के अंतर्गत डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता की मुख्य थीम “2047 में शिक्षा की परिकल्पना” रखी गई।
प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, नवाचार, तकनीकी दक्षता तथा भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के प्रति जागरूकता विकसित करना था। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए आकर्षक, ज्ञानवर्धक एवं संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। छात्राओं द्वारा तैयार किए गए पोस्टरों में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका, आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं नवाचार जैसे विभिन्न विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने उद्बोधन में “2047 में शिक्षा की परिकल्पना” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, जो विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए तैयार न करे, बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करे।
उन्होंने कहा कि भविष्य की शिक्षा में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑनलाइन लर्निंग, वर्चुअल लैब, कौशल आधारित शिक्षा और अनुसंधान का व्यापक समावेश होगा। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाना आवश्यक है।
डॉ. प्रभात ने छात्राओं द्वारा बनाए गए डिजिटल पोस्टरों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, तकनीकी दक्षता एवं अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा भविष्य में भी नवाचार एवं तकनीक आधारित शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।