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नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास, विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने सुनाई सजा

नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास, विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने सुनाई सजा

कटनी। महिला थाना के अपराध क्र. 07/2023 विशेष सत्र प्रकरण एससी क्र. 09/2023 में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के द्वारा आरोपी ‘स’ को धारा 5 (एम) एवं 5 (एन) सहपठित धारा 6 पॉक्सो एक्ट में शेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिये आजीवन कारावास एवं 2000-2000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। उक्त प्रकरण में सशक्त पैरवी रामनरेश गिरी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।

इस संबंध में मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग ने बताया कि अभियोक्त्री आयु करीब 08 वर्ष 05 माह कक्षा तीसरी में पढती थी। 4 फरवरी 2023 के करीब शाम 4 बजे अभियोक्त्री की मां अपने मकान के छत पर गेंहूं फटक रही थी, उसके घर के बगल में मेरे चचेरे जेठ/ आरोपी “स” का घर है, जो अपने आँगन में बैठकर रोटी खा रहा था।

तब अभियोक्त्री छत से आरोपी “स” से बोली कि वह भी रोटी खाने आ जाये, तो आरोपी “स” बोला की आ जाओ, तब अभियोक्त्री नीचे उतर कर उनके घर चली गई। करीब डेढ घण्टे तक अभियोक्त्री घर वापस नहीं आई, तो अभियोक्त्री की मां उसे आवाज देने लगी, किंतु अभियोक्त्री कुछ नहीं बोली।

तब अभियोक्त्री की मां अपने सास से बोली कि अभियोक्त्री आरोपी “स” के घर में है, दोनों तरफ से दरवाजा बंद है। तब अभियोक्त्री की दादी ने अभियोक्त्री को आवाज दी, तो अभियोक्त्री कुछ देर बाद आरोपी “स” के घर से दरवाजा खोलकर निकली और उसके पीछे-पीछे आरोपी “स” भी निकला, तब अभियोक्त्री की मां ने अभियोक्त्री को पकडकर बोली कि कब से टेरत हो, क्या कर रही, झाडू लगाने बोली थी, नहीं लगायी, तब अभियोक्त्री पीछे घूमी।

तो उन्होंने देखा कि अभियोक्त्री के पजामें में पीछे तरफ सफेद-सफेद कुछ लगा था। तब उन्होंने अभियोक्त्री से पूछा कि क्या कर रहे थे, तब अभियोक्त्री ने उन्हें बताया कि बड़े पापा/आरोपी घर में ले जाकर उसके साथ गलत काम कर रहे थे।

अभियोक्त्री के मां की मौखिक रिपोर्ट पर से आरक्षी केन्द्र महिला थाना कटनी में आरोपी “स” के विरुद्ध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।

न्यायालय द्वारा अभियोक्त्री के बडे पिता/आरोपी “स” को उक्त अपराध के लिये दोषी पाते हुये एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्क से सहमत होते हुये आरोपी को धारा 5 (एम) एवं 5 (एन) सहपठित धारा 6 पॉक्सो एक्ट में शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये आजीवन कारावास एवं 2000-2000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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