बड़ी राहत: Government withdraws customs duty on imports of Remdesivir – इंजेक्शन की किल्लत होगी दूर, भारत ने आयात शुल्क हटाया
कोरोना वायरस के कहर के बीच रेमडेसिविर को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। कोरोना केस बढ़ने से इसकी मांग में इतनी तेजी आई है कि चारों तरफ इसकी किल्लत होने लगी है।
In line with PM @NarendraModi's priority to ensure affordable medical care for COVID-19 patients, imports of Remdesivir API, injection and specific inputs have been made import duty free. This should increase supply and reduce cost thus providing relief to patients. pic.twitter.com/F40SX8mNeS
इस बीच केंद्र सरकार ने एक राहत भरा फैसला लिया है। देश ने एंटी-वायरल दवा रेमेडिसिविर पर आयात शुल्क हटा दिया है। जिसका उपयोग वर्तमान में कोविड -19 रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है।
मंगलवार देर रात जारी एक अधिसूचना में दवा के निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा सामग्री के आयात पर शुल्क को हटा दिया। यह कदम घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने और इंजेक्शन की लागत को कम करने में मदद करेगा।
साथ ही सरकार के इस कदम से न सिर्फ इसकी किल्लत दूर होगी, बल्कि कीमत भी कम होगी।
सरकार ने मंगलवार को रेमडेसिविर, उसके कच्चे माल और एंटीवायरल दवा बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य घटकों पर सीमा शुल्क माफ कर दिया।
राजस्व विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार ने जिन वस्तुओं पर शुल्क माफ किया गया है, उनमें रेमेडिसविर के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई), रेमेडिसविर इंजेक्शन और बीटा साइक्लोडोडेक्स्ट्रिन शामिल हैं। आयात शुल्क में यह छूट 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी।
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया है कि कोरोना के इलाज में कारगर मानी जा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (Remdesivir API) के आयात पर कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
इसके अलावा, रेमडेसिविर इंजेक्शन के आयात को भी ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। केंद्र सरकार की इस घोषणा से आने वाले दिनों में देश में ये दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की उम्मीद की जा सकती है।