निर्भया के गुनहगार पवन की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज, अब उसके पास सिर्फ दया याचिका का विकल्प

Nirbhaya Case में दोषियों में शामिल पवन गुप्ता की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। अब पवन के पास राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर करने का आखिरी विकल्प बचा है। अगर पवन दया याचिका दायर करता है और इसकी जानकारी पटियाला हाउस कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई के समय जानकारी दी जाती है तो 3 मार्च के डेथ वारंट पर रोक लगाई जा सकती है। पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दायर कर फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने की मांग की थी। वहीं पवन गुप्ता के साथ ही अक्षय कुमार सिंह की ओर से दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में फांसी की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की गई है। इस याचिका पर सुनवाई से पहले कोर्ट ने तिहाड़ जेल को नोटिस जारी कर जरूरी जानकारी मांगी है। इस याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई होगी। पढ़िए अपडेट –

सुनवाई से पहले फिर फूटा निर्भया की मां का दर्द

दरिंदों की याचिकाओं पर सुनवाई से पहले निर्भया की मां का दर्द एक बार फिर फूट पड़ा। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, मैं 7 साल 3 महीने से संघर्ष कर रही हूं। वो कहते हैं हमें माफ कर दो। कोई कहता है कि मेरे पति,बच्चे की क्या गलती है। मैं कहती हूं कि मेरी बच्ची की क्या गलती थी?

दायर की थी याचिका

पवन गुप्ता की पुनर्विचार याचिका पर जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरिमन, जस्टिस आर, भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने सुनवाई की। यह सुनवाई जस्टिस रमन्ना के चेंबर में हुई। पवन ने अपने वकील एपी सिंह के जरिए याचिका दायर की थी। उसका कहना था कि वारदात के समय वह नाबालिग था, इसलिए उसकी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया जाए।

निर्भया केस के चारों दोषी, विनय शर्मा, पवन गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार सिंह अभी तिहाड़ जेल में बंद है। इनकी फांसी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हालांकि दो बार फांसी टल चुकी है और दोषियों की ओर से दायर की जा रही याचिकाओं को देखते हुए इस बात की उम्मीद कम ही है कि उन्हें 3 मार्च को भी फांसी दे दी जाए।

Exit mobile version